जिलेटिन की छड़ों में विस्फोट से बच्चा घायल, हाथ की तीन उंगलियां उड़ी

आगर मालवा| गिरीश सक्सेना| कुए और खदानों में विस्फोट के लिए उपयोग में लाई जाने वाली जिलेटिन छड़ो को यदि लापरवाही पूर्वक छोड़ दिया जाए तो वह कितनी खतरनाक साबित हो सकती है इसकी बानगी आगर मालवा जिले के पालखेड़ी गांव में देखने को मिली है । यहां पर कुँए में विस्फोट के लिए उपयोग में लाई जाने वाली इलेक्ट्रिक डेटोनेटर छड़ में ब्लास्ट होने से एक 11 वर्षीय बालक विशाल पिता रामलाल के दाहिने हाथ की तीनो अंगुलिया उड़ गई | वहीं डेटोनेटर से उड़े छर्रो से चेहरा भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है । पालखेडी निवासी इस बालक को जिला अस्पताल आगर में प्राथमिक उपचार देने के बाद गंभीर अवस्था में उज्जैन रेफर किया गया है।

बताया जा रहा है कि बच्चा अपने मित्रों के साथ खेलते खेलते एक कुए के पास पहुँच गया था और वहां कुँए के बाहर पड़े पत्थरों के बीच पहले कभी इस कुँए में ब्लास्ट करने के उद्देश्य से उपयोग में लाए गई एक जिलेटिन छड़ जो ब्लास्ट नही हो पाई थी बच्चे को मिल गई और जब बच्चे ने इस छड़ को पत्थर से दो टुकड़े में तोड़ने का प्रयास किया तभी इसमें ब्लास्ट हो गया और इसके चलते जिस हाथ मे बालक ने छड़ पकड़ रखी थी उस हाथ की तीनो उंगली उसी समय उड़ गई और रॉड से निकले छर्रो की वजह से बालक का चेहरा भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया । वहीं अब कोतवाली पुलिस प्रकरण में जांच कर उचित कार्यवाही की बात कह रही है । पूरे मामले में साफ है कि जिला प्रशासन के जिम्मेदारों को इस तरह के प्रकरण में अपनी जिम्मेदारी गंभीरता पूर्वक निभानी होगी नही तो इस प्रकार के और प्रकरण भी सामने आते रहेंगे ।