Breaking News
पेट्रोल-डीजल के दामों को लेकर विरोध प्रदर्शन जारी, कहीं ठेले पर बाईक रख जताया विरोध तो कहीं धरने पर बैठे कांग्रेसी | VIDEO : भूरी टेकरी विस्थापन को लेकर निगम की कार्रवाई, कांग्रेस विधायक ने मांगी मोहलत | राहुल गांधी के कार्यक्रम पर प्रशासन की 19 शर्तें, सिर्फ 15 फ़ीट के टेंट में सभा की इजाजत | VIDEO : भोपाल मेयर की सख्त कार्रवाई, नगरनिगम की ट्यूबवेल से हटवाया दबंग का कब्जा | कमलनाथ ने कार्यकर्ताओं को दिए निर्देश, मंडी में किसानों के साथ मिल सरकार के खिलाफ करें प्रदर्शन | प्रधानमंत्री योजना का आवास ना मिलने पर ग्रामीण ने खाया जहर, सरपंच-सचिव पर लगाया रिश्वत मांगने का आरोप | फेसबुक पर कलेक्टर को जान से मारने की धमकी, गृहमंत्री और सांसद पर भी आपत्तिजनक पोस्ट | 23 करोड़ का आईएएस.. | कांग्रेस प्रदेश कार्यसमिति का गठन, 20 जिला अध्यक्षों की घोषणा, दिग्विजय को अहम जिम्मेदारी | शिवराज कैबिनेट के फैसले, यहां पढ़िए विस्तार से |

इस देश में आरक्षण था, आरक्षण है और आरक्षण रहेगा : कैलाश विजयवर्गीय

आगर-मालवा।

बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने आरक्षण मुद्दे पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दो अप्रैल को हुई हिंसा को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा से ही दलितों को भ्रम में डालने का काम किया है और एक बार फिर आरक्षण के मुद्दे को लेकर भ्रमित कर रही है। इस देश में आरक्षण था, आरक्षण है और आरक्षण रहेगा।इसे कोई नही हटा सकता।

दरअसल,बुधवार को कैलाश विजयवर्गीय आगर मालवा के नलखेड़ा में मां बगलामुखी मंदिर मार्ग चौराहे पर संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव रामजी अंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण तथा 2.18 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले सड़क मार्ग के भूमिपूजन के कार्यक्रम  में पहुंचे थे। जहां पत्रकारों से चर्चा के दौरान उन्होंने कहा कि विपक्ष ने लोगों को आरक्षण के मुद्दे पर भड़काया है, जिसके चलते प्रदेश और देश में हिंसा हुई। सुप्रीम कोर्ट ने इस एक्ट में ऐसा कोई बदलाव नहीं किया है, जिससे एससी-एसटी वर्ग को नुकसान हो या उनके आरक्षण को लेकर बात हो। इस देश में आरक्षण था, आरक्षण है और आरक्षण रहेगा।इसे कोई नही हटा सकता।

वहीं शिवराज सरकार द्वारा बाबाओं को राज्यमंत्री का दर्जा दिए जाने पर कैलाश ने कहा कि देश बाबाओं के बगैर नहीं चल सकता। उमा भारती बाबा हैं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बाबा हैं, साधुओं का नेतृत्व समाज की दिशा तय करता है। 

गौरतलब है कि एससी एसटी एक्ट में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद देश भर में दलित संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया, इस दौरान कई राज्यों में हिंसा भड़की। जिसके बाद मोदी सरकार ने सोमवार को पुनर्विचार याचिका दायर करते हुए एससी/एसटी एक्ट पर पिछले महीने दिए गए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने को कहा गया है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में यह कहा था कि उत्पीड़न का केस दर्ज करने के बाद किसी तरह की फौरन कार्रवाई से पहले पुलिस की तरफ से प्रारंभिक जांच सात दिनों के अंदर होनी चाहिए। पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश पर कायम रहते हुए स्पष्ट किया है कि कोर्ट एससी एसटी एक्ट के खिलाफ नहीं बल्कि निर्दोष लोगों की चिंता है, इस मामले पर अगली सुनवाई दस दिन बाद रखी गई है। वहीं दलितों के मुद्दे पर देश भर में जमकर सियासत गरमाई हुई है। ऐसी स्थिति में कैलाश ने पहली बार इस मुद्दे पर खुलकर विपक्ष पर निशाना साधा है।


  Write a Comment

Required fields are marked *

Loading...