यहां 'राम' ने कर दिया रावण दहन से इनकार

अशोकनगर।

शहर में  दशहरा मैदान में  रावण ,कुम्भकरण एवं मेघनाथ के पुतले  जलने  के लिए तैयार खड़े थे मगर ऐन वक्त  राम बने अभिनेता ने रावण को जलाने से मना कर दिया।लाख मिन्नत के बाद किसी तरह राम ने रावण का वध किया। मामला रावण के पुतले के खंडित होने का था।शहर के लोगो ने तीनों पुतलों के साथ बरती गई लापरवाही का विरोध किया तो ग्याप्रसाद कलाकार मंडल की राम लीला के राम लक्षमण ने रावण को तीर मारने से मना कर दिया। शक्ति दशहरा उत्सव समिति के द्वारा नई मंडी परिसर में हुये रावण दहन के  दौरान रावण,कुम्भकरण एवं मेधनाथ के पुतले के स्वरूप को लेकर गंभीर लापरवाही बरती गई।जिसको लेकर लोगो ने जमकर विरोध किया।समिति पर धार्मिक भावनाओं का आरोप लगा कर लोगो ने नारेवाजी तक कि। पुजारी संघ ने समिति के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को आहत करने के मामले मामला  तक दर्ज कराने के बात की है।विधायक एवं कलेक्टर की मौजूदगी में लोगो ने समिति भंग करने की मांग प्रशासन से की है।

शहर से 2 किलोमित दूर नई मंडी जब हजारों लोग रावण दहन के आयोजन को देखने के लिये गये थो लोग अपने आप को ठगे से महसूस करते दिखे।समिति द्वारा जो पुतले खड़े किये थे उनमें रावण के पुतला बिना पैर के खड़ा तज,सिर पर गधे के सिर को लगाने को लेकर एवं बिना कंधे का रावण होने पर लोगो ने विरोध किया। साथ ही कुंभकरण का पुतला भी मानक स्तर का नही था,पैर इस तरह लगाए गये थे जैसे पोलियोग्रस्त हो,कुंभकरण एवं रावण की तुलना में मेघनाथ का पुतला बहुत ही छोटा था दूर से लोगों को या देखी नहीं रहा था। 

रामलीला में बीते 50 साल से रावण का अभिनय करने एवं धर्म शास्त्रों के जानकार प्रमेन्द्र शर्मा ने इस लापरवाही को गंभीर मानते हुये इसे  शास्त्र विरुद्घ बताया।पुजारी संघ के अध्यक्ष उपेन्द्र परासर  ने इस चूक पर कड़ा ऐतराज जताते हुये शक्ति दशहरा समिति के खिलाफ धामिर्क भावनाओ को आहत करने का मामला दर्ज कराने की बात कही है।

मंच से समिति द्वारा रावण के पुतले बनाने में हुई लापरवाही को लेकर जो सफाई दी गई वो लोगो को हजम नहीं हुई। लोगो का कहना था कि  समिति में से कोई भी रावण बनने के दौरान निरीक्षण ही नहीं कर रहा था ।कमेटी का काम था क्या, कैसे इतनी बड़ी चूक हो गई। जिन लोगों को रावण बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी वह क्या करते रहे। इन्हें बातों को लेकर कलेक्टर ,विधायक,पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में मंच के सामने ही नारेबाजी कर दी।विधायक जजपाल सिंह जज्जी एवं अन्य वरिष्ठ जानो  के बीच बचाव  के बाद किसी तरह रावण दहन का कार्यक्रम हो सका।पूर्व में भी इस समिति द्वारा कई लापरवाही बरती गई थी। पूर्व में भी इनका विरोध हुआ था मगर समिति को कोई फर्क नही पड़ा इस बार पहले से जायद लापरवाही बरती गई।लोगों को यह शिकायत है कि अंदर जाने के पास के नाम पर समिति के लोग अपने एवं अपने रिश्तेदारों को इन पासों का बंदरबांट करते हैं।

उल्लेखनीय है रावण दहन के लिए तमाम सारी व्यवस्थाएं नगरपालिका से होती है। साथ ही मंच पर कुछ लोग पैसे लेकर बिठाया जाता है।पूरा नही जल  सका रावण रावण के पुतले के साथ समिति के साथ कि गई लापरवाहीयो की पोल खुद रावण के पुतले ने खोल दी।दहन के  जैसे ही रावण के पुतले में आग लगाई गई तो कुछ देर में ही यह आग बुझ गई।ना तो पुतले पर्याप्त घास था और ना ही पूरा जल सके इसकी व्यवस्था की गई थी।परिणाम स्वरूप  अध जले रावण के  में से ही लोगो ने लकड़ी के लिये छीना झपटी  होने लगी।

जमकर हुआ विरोध इस बार जो लापरवाही हुई है, उसको लेकर  सामूहिक तौर पर जोरदार विरोध किया गया है। मंच से पत्रकार हितेन्द्र बुधौलिया ने समिति के द्वारा बरती गई लापरवाहियों के विरोध में लोगो की बात रखी।आगे से समिति जनता की धार्मिक भावनाओं से  जुड़े इस  तरह के आयोजन में लापरवाही ना की जाये।विरोध कर रहे लोगो के समर्थन में सोशल मीडिया में पर मुहिम शुरू हो गई है लोग शक्ति दशहरा समिति को भंग करने की मांग कर रहे है।

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