विधायक की वादाखिलाफी से नाराज वुशु कोच ने लौटाया विश्वामित्र अवार्ड

अशोकनगर। एक तरफ़ सरकार खेल गतिविधियों को बढ़ाने एवं खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का ढिंढोरा पीट रही है। वहीं दूसरी ओर मैदानी स्तर पर हालात बदतर हैं। अशोकनगर जिले के वुशु खेल में तीन खिलाड़ियों को एकलव्य अवार्ड दिलाने एवं देश विदेश में इस खेल में प्रदेश का नाम रोशन करने वाले विश्वामित्र अवार्ड से सम्मानित वुशु कोच बृजेश धुरैंटे ने सोमवार को सरकार द्वारा दिया गया विश्वामित्र अवार्ड भाजपा विधायक गोपीलाल जाटव की वादाखिलाफी से नाराज होकर अपर कलेक्टर को वापिस कर दिया। 

दो साल पहले भाजपा विधायक गोपीलाल जाटव ने विधायक निधि से 11 लाख रुपए इंडोर स्टेडियम बनाने के लिये देने की घोषणा की थी। जब विधायक अपनी घोषणा से मुकर गए तो सरकार द्वारा 2016 में विश्वामित्र अवार्ड से नवाजे गए वुशु कोच बृजेश धुरेंटे ने जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि को सरकार को लौटा दिया। धुरेंटे द्वारा प्रशिक्षित अनेक खिलाड़ी अंतर्राष्ट्रीय स्तर की वुशु  प्रतियोगिताओं में गोल्ड, सिल्वर एवं ब्रॉन्ज जैसे कई मैडल देश के लिए हासिल कर चुके हैं। यही कारण रहा कि धुरेंटे द्वारा प्रशिक्षित अशोकनगर के चार वुशु  खिलाड़ी मध्यप्रदेश सरकार द्वारा दिए जाने वाले एकलव्य पुरुस्कार से सम्मानित हो चुके हैं। अंर्तराष्ट्रीय स्तर पर वुशु  में भारत का नाम रोशन करने वाले वुशु कोच बृजेश धुरेंटे अशोकनगर बीजेपी विधायक गोपीलाल जाटव की वादाखिलाफी से आहत होकर भावुक हो गए और रुंधे गले से अपना विश्वामित्र अवार्ड वापिस विधायक को वापिस करने लगे। इसपर विधायक बोले "जिसने दिया है आवर्ड उसे ही लौटाओ" और गाड़ी में बैठ कर निकल गए। बाद में धुरेंटे  ने कलेक्ट्रेट पहुँच कर अपना प्रतिष्ठित अवार्ड अपरक्लेक्टर अनुज रोहतगी को वापिस कर दिया।

अवार्ड वापिस करने की वजह के बारे में वुशु कोच बृजेश धुरेंटे बताते हैं कि दो साल पहले विधायक गोपीलाल जाटव ने खुद ही वुशु खिलाड़ियों के सम्मान समारोह में हॉल निर्माण के लिए 11 लाख रुपए की राशि विधायक निधि से देने की घोषणा की थी। वुशु कोच एवं खिलाडिय़ों के साथ विधायक के पास पहुंचे और घोषणा याद दिलाई तो विधायक ने इस तरह की कोई घोषणा न करने की बात कही और राशि देने से इंकार कर दिया।


वुशु कोच धुरेंटे ने बताया कि उन्हें यह अवार्ड मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने दिया था, इसलिए अब स्थानीय प्रशासन के जरिये साल 2016 में मिला विश्वामित्र अवार्ड मुख्यमंत्री को लौटा रहे हैं। इस अवार्ड के साथ धुरेंटे ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन भी अपर कलेक्टर अनुज रोहतगी को दिया है। जिसमे लिखा है कि मैं किसी के बहकावे या दबाव में न आकर स्वेच्छा से इसे लौटा रहा हूं। विधायक की तो छोड़िये कोच बृजेश धुरेंटे अन्तर्राष्ट्रीय वुशु खिलाड़ी अनुष्का दुबे, अवंती लोधी, राजदीप ढि़ल्लो और मुश्ताक खान के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। तो उन्हे कलेक्टर से मुलाकात के लिये समय ही नहीं मिला। इसके बाद वह अपर कलेक्टर अनुज रोहतगी के पास पहुंचे और अपना विश्वामित्र अवार्ड उन्हें लौटा दिया। अपर कलेक्टर  का कहना है कि इस मामले में वह कुछ नहीं कर सकते। फिलहाल कोच को समझाने की बात कर रहे हैं। विधायक गोपीलाल जाटव इस मुद्दे पर मीडिया से बात करने से कतराते रहे।

 

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