घंटा-घडिय़ाल बजाकर भाजपा ने किया कांग्रेस सरकार के विरुद्ध शंखनाद

अशोकनग। अलीम डायर। 

मध्यप्रदेश बचाओ, कांग्रेस सरकार भगाओ के शंखनाद के साथ भारतीय जनतापार्टी ने प्रदेश सरकार की विफलताओं को बताते हुए घंटानाद आंदोलन किया। बुधवार को भारतीय जनतापार्टी के घंटानाद आंदोलन का नेतृत्व भारतीय जनतापार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष नरियावली विधायक प्रदीप लारिया द्वारा किया गया। इस अवसर सांसद डॉ.केपी यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष धर्मेन्द्र रघुवंशी, प्रदेश कार्य समिति सदस्य जयकुमार सिंघई प्रमुख रूप से उपस्थित थे। 

आंदोलन सुबह 11 बजे शहर के गांधी पार्क चौराहे से प्रारम्भ हुआ। जहां बढ़ी संख्या में जिले भर से आए कार्यकर्ताओं के द्वारा अपने हाथों में घंटा, मजीरा, झांजर बजा कर प्रदेश की 9 माह की कमलनाथ सरकार कि बिफलताओं को बताते हुए कलेक्ट्रेट के समक्ष प्रदर्शन किया गया। इस अवसर पर पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदीप लारिया एवं सांसद केपी यादव ने प्रदर्शन में अपने संबोधन के दौरान कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा गरीबों को संबंल योजना के के तहत बिजली बिल में छूट दी गई थी। लेकिन कांग्रेस सरकार के आने के बाद गरीबों को हजारों रुपये के बिजली बिल थमाए जा रहे हैं। इस सरकार ने बिजली बिल हाफ करने का वायदा किया था, किंतु बिजली ही साफ कर दी गई है। 

कहा गया कि सत्ता में आने से पूर्व सरकार द्वारा वायदा किया गया था कि किसानों का दो लाख रुपये का कर्जा माफ करेंगे, यह वायदा भी किसानों के साथ छलावा साबित हुआ। आरोप लगाते हुए कहा गया कि राहुल गांधी ने सरकार बनने के 10 दिन के अंदर किसानों का कर्ज माफ न होने पर मुख्यमंत्री बदलने की बात कही थी, यह बात भी जनता के साथ छलावा साबित हुई। इसी प्रकार कहा गया कि कांग्रेस सरकार ने प्रत्येक पंचायत में गौ शाला खोले जाने का वायदा किया था एवं बेरोजगारों को रोजगार देने  के नाम पर ठगा गया। इस तरह प्रदेश की 9 माह की कमलनाथ सरकार द्वारा भारतीय जनतापार्टी सरकार द्वारा अनेकों जन कल्याणकारी योजनाएं बुजुर्ग तीर्थ दर्शन योजना, कन्यादान योजना, भावंतर भुगतान योजनाओं को सरकार द्वारा पलीता लगाया गया है। वहीं कमलनाथ सरकार द्वारा केबल तबादला उद्योग चलाकर प्रदेश में अराजकता का वातावरण निर्मित किया गया है। इस कारण से प्रदेश में अपहरण, लूट की घटनाएं दिन प्रतिदिन बढ़ी हैं। वहीं प्रदेश सरकार के विधायक अवैध उत्खनन कर प्राकृतिक खनिज संपदा का दोहन करने में लगे हुए हैं। इस प्रकार अनेकों बिफलताओं को लेकर घंटानाद आंदोलन किया गया।

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