सीमांकन के लिए रिश्वत मांग रहा था पटवारी , लोकायुक्त ने रंगेहाथों दबोचा

बालाघाट। भ्रष्टाचार की जड़ बन चुके सरकारी विभागों के कर्मचारियों का रिश्वत से मोह नहीं छूट रहा है| एक के बाद एक कार्रवाई के बावजूद रिश्वतखोरी है कि खत्म नहीं हो रही है| सबसे ज्यादा रिश्वत के मामलों के लिए राजस्व विभाग बदनाम है| आज एक बार फिर एक पटवारी लोकायुक्त के शिकंजे में फंस गया| पटवारी को किसान से रिश्वत माँगना महंगा पड़ा और लोकायुक्त ने आरोपी पटवारी को रंगेहाथों धर लिया | 

जानकारी के मुताबिक जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने लालबर्रा तहसील के लैंडेझरी गांव में पटवारी रमेश पिता भैयालाल डहरवाल को साढ़े सात हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा है| लोकायुक्त को डोंगरिया निवासी राम पिता कारूलाल (32) ने दो दिन पूर्व शिकायत की थी| जिसकी तस्दीक करने के बाद लोकायुक्त ने मंगलवार दोपहर को दबिश देकर पटवारी को रिश्वत के रुपए सहित पकड़ लिया| 

दरअसल, ग्राम डूंगरिया निवासी श्रीराम पिता कारूलाल से तहसील लालबर्रा का पटवारी रमेश डहरवाल पिता भैयालाल डहरवाल ने फोती चढ़ाकर ऋण पुस्तिका बनाकर सीमांकन करने के लिए रिश्वत की मांग की थी|  जिसके जिसके बाद लोकायुक्त टीम ने साक्ष्य जुटाने के बाद डीएसपी जेपी वर्मा के नेतृत्व में अपना जाल बिछाते हुए कार्यवाही को अंजाम तक पहुंचाया।  इसके बाद तय समय पर पटवारी को लैंडेझरी चौक में स्थित नारू की पान दुकान में साढ़े सात हजार रुपए लेते पकड़ा।

इधर, लोकायुक्त ने एक अन्य कार्रवाई में किरनापुर स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थ मलेरिया इंस्पेक्टर रामकुमार रामटेके को 3 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा है। मलेरिया इंस्पेक्टर के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।