Breaking News
शिवराज कैबिनेट की अहम बैठक कल, इन प्रस्तावों पर लग सकती है मुहर | मौसम विभाग का अलर्ट, मप्र के इन जिलों में हो सकती है भारी बारिश | VIDEO : बिल्डिंग पर चढ़ आत्महत्या की धमकी देने लगा आरोपी, 4 घंटे चला हंगामा, पुलिस के हाथ पांव फूले | भाजपा नेता की गुंडागर्दी, चौकी प्रभारी को सरेआम पीटा, मामला दर्ज | दुष्कर्म के बाद 5 साल की मासूम की हत्या, घर के ही सेप्टिक टैंक में फेंकी लाश | ई-टेंडर घोटाला : जांच के लिए CFSL भेजी जाएगी हार्ड डिस्क | 21 अगस्त को भोपाल मे होने वाली 'अटल जी' की श्रद्धांजलि सभा में कांग्रेस भी होगी शामिल | 23 हजार ग्राम पंचायत और सभी शहरों में होंगी अटलजी की श्रद्धाजलि सभाएं | चुनाव से पहले यात्राओं का दौर, दिग्विजय के बाद जयवर्धन ने शुरू की पदयात्रा | नायब तहसीलदार का छलका दर्द, "संवर्ण हूँ इसलिए भुगत रहा सजा" |

जब बिना शव के निकली अंतिम यात्रा...

बैतूल।। हेमंत पवार ।।

आज सुबह बैतूल के बडोरा में जब एक अर्थों निकली तो उसमें किसी पार्थिव शरीर की बजाए आटे का पुतला था..लेकिन गाजे-बाजे के साथ निकली इस अंतिम यात्रा में शामिल लोगों की आंखों में किसी अपने के बिछुड़ने का गम जरूर था। 

दरअसल यह यात्रा कोई जादू-टोना नहीं बल्कि देहदान कर मिसाल बने सूरतलाल सरले की अंतिम यात्रा थी। बैतूल जिला मुख्यालय से महज 3 किमी दूर बडोरा ग्राम में खेती-किसानी से ताल्लुक रखने वाला प्रतिष्ठित सरले परिवार है। सौ से अधिक सदस्यों वाले इस परिवार के एक बुजुर्ग सुरतलाल जी सरले ने करीब 4 साल पहले देहदान की अनोखी इच्छा जताई थी। उन्होंने अपनी इस इच्छा को पूरा करने के लिए बालाजीपुरम संस्थापक सेम वर्मा से आग्रह किया। श्री वर्मा ने भोपाल एम्स अस्पताल मे बात कर सारी प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया। अंततः 4 दिसम्बर 2014 को भोपाल के एम्स अस्पताल में उन्होंने देहदान के लिए  अपना पंजीयन कराया।

आज सुबह करीब 8 बजे सूरतलाल जी सरले ने 88 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। इसके बाद परिवार के प्रमुख ॠषिराम सरले और नारायण  सरले आदि ने विधिविधान से उनकी अंतिम यात्रा की तैयारी की। भोपाल के एम्स अस्पताल को सूचना दी। विधायक हेमंत खंडेलवाल ने अपने व्दारा दान शववाहन की व्यवस्था की। कलेक्टर शशांक मिश्र के निर्देश पर जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डा अशोक बारंगे , डा एके भट्ट , डा अरूण जयसिंहपुरे आदि पहुंचे। बालाजीपुरम से सुनील व्दिवेदी, बंटी वर्मा, शेखर हारोड़े आदि ने भोपाल एम्स बात कर सारी तैयारियां की। काफी संख्या में पहुंचे प्रतिष्ठित लोगों ने सूरतलाल जी सरले की इस अंतिम इच्छा की दिल खोलकर सराहना की। 

उनके घर से गांव के बाहर तक पार्थिव शरीर शववाहन में लाया गया। जबकि उसके पीछे परंपरा अनुसार बांस की बनी सीढ़ी पर आटे के पुतले को रखा गया था। गांव के बाहर शववाहन भोपाल के लिए रवाना हो गया। उधर अंतिम यात्रा परंपरा अनुसार माचना मोक्षधाम पहुंची। यहां परंपरागत तरीके से पुतले का अंतिम संस्कार किया गया। 



।। इनका कहना ।।

जब बड़े भैया ने देहदान की इच्छा जताई थी तो हम सभी हैरान थे। लेकिन जब सभी बातों को समझा तो हम सभी ने उनकी अंतिम इच्छा को पूर्ण करने का संकल्प लिया।

 - ऋषिराम सरले ,

 बडोरा

सूरतलाल जी सरले ने हम सभी के लिए एक मिसाल पेश की है। उनका शरीर मेडीकल पढ़ रहे बच्चों के लिए बहुत काम का रहेगा। भगवान बालाजी उनको अपने चरणों में स्थान दें। 

- सेम वर्मा , 

संस्थापक, 

बालाजीपुरम 

हम सरले परिवार के आभारी हैं जिन्होंने सुदूर गांव में रहते हुए अपने बुजुर्ग की अंतिम इच्छा को पूरा करने का जज़्बा दिखाया। मेडीकल का अध्ययन कर रहे बच्चों के लिए इस तरह की बाडी की आवश्यकता रहती है जो देहदान से ही पूरी हो सकती है। 

- डा चन्द्रशेखर ,

 एम्स , एनाटोमी विभाग, 

भोपाल

सूरतलाल जी सरले ने पूरे बैतूल जिले में एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है और उनकी याद को अमर रखने के लिए हम सभी कुछ बेहतर सामाजिक सेवा आरंभ करेंगे।

 - हेमंत खंडेलवाल, 

- विधायक, बैतूल

  Write a Comment

Required fields are marked *

Loading...