तालाब गहरीकरण के लिए कलेक्टर, एसपी, सीईओ सहित सैकड़ों ने किया श्रमदान

भिण्ड ।मनीष ऋषीश्वर।

शुक्रवार सुबह महाकाली स्वास्थ्य समिति द्वारा ग्राम मसूरी के हार में आयोजित तालाब गहरीकरण श्रमदान कार्यक्रम में जिले के कलेक्टर इलैया राजा टी, एसपी प्रशांत खरे और जिला पंचायत के नवागत सीईओ अनूप सिंह के अलावा सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और श्रमदान किया 

आज अल सुबह 6 बजे से ही दलेल का ताल नामक जगह पर ग्रामीणों का एकत्रीकरण शुरू हो गया, हर कोई अपने हाथ में फांवड़ा और तत्सल लिए हुए था सभी ने तालाब के गहरीकरण के लिए खुदाई की और तस्सलों में मिट्टी को भर कर तालाब के किनारे तक पहुंचाया। ग्रामीणों ने कतारबद्ध होकर तालाब के अंदर की मिट्टी को तालाब की पार तक पहुंचाने का काम किया, आयोजन करीब 3 घंटे तक चला समापन अवसर पर ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कलेक्टर इलैया राजा टी ने कहा आज के समय में जल संरक्षण की अति आवश्यकता है और इसके लिए तालाबों को गहरा करना एक अच्छी सोच है न केवल मसूरी बल्कि जिले के हर गांव के तालाबों को गहरा करने के लिए वहां के सरपंच और सामाजिक जन मिलकर काम करें । एसपी प्रशांत खरे ने कहा कि आज मसूरी के लोगों ने जो यह काम किया है वह अनुकरणीय है और लोगों को भी इस कार्य से प्रेरणा लेनी चाहिए। जिला पंचायत के नवागत सीईओ अनूप सिंह ने कहा कि आज प्रकृति के संरक्षण के लिए तालाबों को बचाना अति आवश्यक है क्योंकि जब तालाब बचेंगे तो उनमें पानी भरेगा और पानी भरने से जलस्तर ठीक रहेगा जिससे आसपास के पेड़ पौधे भी पुष्पित और पल्लवित होंगे इस अवसर पर जनपद के सीईओ सहित तमाम अधिकारी कर्मचारी गण और मसूरी, नरसिंहगढ़ और जारी गांव के सरपंच के अलावा महाकाली स्वास्थ्य समिति के संचालक डॉक्टर शैलेंद्र परिहार, बिहारी बाल मंदिर के संचालक राजेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में मिशन स्वच्छ के कार्यकर्ता और तीनों गांवों के ग्रामीण जन मौजूद रहे। कार्यक्रम का  संचालन समाजसेवी पत्रकार गणेश भारद्वाज के द्वारा किया गया और अंत में आभार व्यक्त मसूरी ग्राम पंचायत की सरपंच श्रीमती उमेश देवी धर्मेंद्र भदौरिया के द्वारा किया गया। कार्यक्रम के समापन के अवसर पर समिति के द्वारा सभी को स्वल्पाहार करवाया गया। 

बिटिया शेलजो ने दिया डे जीरो से बचाव का संदेश

गांव की छोटी सी बिटिया सैलजा ने इस अवसर पर ग्रामीणों को बताया कि डे जीरो क्या है ? शेलजो ने बताया कि डे जीरो से तात्पर्य है कि आने वाले समय में कहीं वह दिन ना जाए कि आपके नलों से पानी की एक बूंद भी न टपकेगी तो यही डे जीरो है। इसलिए आगामी पीढ़ियों के लिए हमें पानी के संरक्षण की दिशा में काम करने की अति आवश्यकता है।