MP : यहां माफियाओं ने थाने को ही बना दिया अवैध रेत का भंडारण केन्द्र

भिण्ड । मनीष ऋषीश्वर।

कस्तूरी कुंडल बसे मृग ढूंढे वन मांही... पर यहां कस्तूरी नहीं कसूरवार है जी हां या यूं कहिए कि पुलिस चोर की तलाश में इधर उधर भटक रही और चोर उसके थाने में ही छिपा बैठा है जी हां भिंड जिले के भारौली थाना क्षेत्र में पुलिस की मिलीभगत से रेत माफिया ने वह कारनामा किया है जिसे सुनकर आप चौंक पड़ेंगे जिला प्रशासन और खनिज विभाग की टीम पुलिस की दम पर जाकर जिले में तमाम अवैध रेत के भंडारों पर कार्रवाई करती है लेकिन उसे क्या पता कि जहां उसे कार्रवाई करनी है वह रेत किसी थाने के अंदर खुलेआम छल रखा हुआ है जी हां हम बात कर रहे हैं भिंड जिले के भारौली थाना परिसर की हालांकि थाना तो नया बन गया है लेकिन पुराना थाना परिसर में रेत माफिया के द्वारा जो हो रहा है वह चौकाने वाला है ।

यहां किया गया है अवैध रेत का बड़ा भंडारण और भंडारण ही नहीं यहां से रेत लगातार उठाया भी जा रहा है और नया डाला भी जा रहा है मीडिया ने जब सोशल मीडिया पर इस बात का खुलासा किया तो जिला पुलिस बल सकते में आया और पुलिस अधीक्षक रूडोल्फ अल्वारेस ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गुरकरण सिंह को मौके पर पहुंचा, एएसपी गुरु करण सिंह ने मौके पर जाकर जो देखा वह निश्चित उनके लिए भी चौंकेने वाला था, स्थानीय थाना प्रभारी विदुर सिंह कौरव जिनका थाना केवल 300 मीटर की दूरी पर है उन्होंने यह रेत का अवैध भंडारण कैसे हो जाने दिया? यह जांच का विषय है, सूत्रों की माने तो थाना प्रभारी महोदय की इस रेत के कारोबार में मिलीभगत है या यूं कहिए दरोगा जी पार्टनर हैं इस रेत के अवैध कारोबार में....

रेत माफिया के साथ प्रशासन और पुलिस की संलिप्तता के वैसे तो कई मामले सामने आ रहे थे कई बार वीडियो और ऑडियो भी वायरल हुए हैं लेकिन इस बार जो मामला सामने आया है वह चौकाने वाला है जिले की सिंध नदी के परिक्षेत्र में आने वाले भारौली थाना के पास में पुराने थाना परिसर में रेत माफिया ने बड़ी मात्रा में अवैध रेत का भंडारण कर रखा है मीडिया ने जब इस खबर को ब्रेक किया तो तुरंत ही अधिकारी सकते में आए और उन्होंने थाना परिसर पहुंचकर उक्त रेत को देखा और खनिज विभाग को रेत जप्त करने के लिए लिखा , साथ ही जिस थाना प्रभारी के अंडर में यह क्षेत्र आता है उसके खिलाफ जांच भी शुरू कर दी है। थाना परिसर में रेत कर रखा होना पुलिस के क्रियाकलाप पर सवालिया निशान खड़ा करता है केवल नए थाना परिसर से 300 मीटर की दूरी पर पुराना थाना परिसर है और उसमें सैकड़ों ट्रक रेत भंडारण आखिर कैसे हो गया यह बड़ा सवाल है और जांच का विषय है ।अब देखना यह है कि पुलिस के आला अधिकारी भारौली थाना प्रभारी पर क्या कार्रवाई करते हैं और अवैध भंडारण करने वाले रेत माफियाओं पर क्या कार्रवाई होती है।

थाने के सामने से निकलने के लगते हैं 12 हजार

 लहार से कांग्रेस विधायक डॉक्टर गोविंद सिंह ने गत रोज़ आयोजित प्रेस वार्ता में पुलिस पर सीधा आरोप लगाया है कि पुलिस थानों के सामने से जो रेत से भरे हुए अवैध ट्रक निकलते हैं उन पर वहां के पुलिस स्टाफ और थाना प्रभारियों के द्वारा खुलेआम लूट की जा रही है एक ट्रक से थाना प्रभारियों के द्वारा 10 से 12 हजार की अवैध वसूली की जाती है इस प्रकार से एक थाना प्रभारी एक दिन में 10 लाख रुपए से अधिक की कमाई करने में जुटा हुआ है और इस काले कारोबार में थाना प्रभारी और सिपाहियों से लेकर नीचे से लेकर ऊपर तक का अमला या यूं कहें कई सफेदपोश माननीय जी भी संलिप्त हैं।