तेरहवीं कुप्रथा छोड़ लगाया रक्तदान शिविर, 3 महिलाओं सहित 15 ने किया रक्तदान

भिण्ड। समाज में व्याप्त तेरहवीं की कुप्रथा का अंत करने की दिशा में नवजीवन सहायतार्थ संगठन के साथ रक्तदान के क्षेत्र में बढ़चढ़ कर कार्य कर रहे एक युवा धीर सिंह कुशवाहा ने अपने दादा स्व. बच्चूलाल कुशवाहा जी की तेरहवीं ना करते हुए आज रक्तदान शिविर का आयोजन किया, शिविर में 3 महिलाओं सहित 15 लोगों के द्वारा रक्तदान किया गया।

 रक्तदान शिविर का श्रीगणेश नवजीवन सहायता संगठन की अध्यक्ष श्रीमती नितेश अमित जैन के द्वारा किया गया, इस अवसर पर संगठन की संरक्षक श्रीमती राजकुमारी जैन नम्रता जैन, आलोक देपुरिया व अशोक सोनी मुख्य रूप से मंचासीन रहे। सभी आगंतुकों के द्वारा स्वर्गीय बच्चू लाल कुशवाहा जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया गया। इस अवसर पर शिविर को संबोधित करते हुए समाजसेवी गणेश भारद्वाज ने कहा कि कुशवाहा समाज के युवा धीर सिंह ने जो यह पहल की है वह निश्चित ही अनुकरणीय  और प्रशंसनीय है इसके लिए युवा धीर सिंह और उनके परिवार की जितनी प्रशंसा की जाए वह कम है उन्होंने आगे कहा कि समाज में फैली हुई कुरीतियों को समाप्त करने के लिए आज युवाओं को आगे आने की आवश्यकता है, कवि हसरत हयात ने कहा कि व्यक्ति को समाज की उन्नति के लिए धीर सिंह की तरह कुछ हटकर करने की आवश्यकता है। नवजीवन सहायतार्थ संगठन के  श्री अशोक सोनी के द्वारा  रक्तदान  विषय पर  एक कविता पाठ भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन राधे लाल कुशवाहा के द्वारा किया गया। इस अवसर पर सभी रक्त दाताओं के अलावा गौ सेवा समिति के प्रबंधक विपिन चतुर्वेदी, गगन शर्मा,  डॉ अमर सिंह, रामनरेश कुशवाहा, सुरेश कुशवाहा व रामजीत कुशवाहा, अंगद कुशवाहा, गिरजेश कुशवाह, ऋषि जैन, नीलेश जैन,  गौरव जैन, निशांत चौहान, मनीष ऋषीश्वर, मयंक दीक्षितसहित बड़ी संख्या में गणमान्यजन उपस्थित रहे।

ज्ञात हो कि चम्बल अंचल में तेरहवीं के नाम पर लाखों रुपये की फिजूलखर्ची कर बड़े बड़े भंडारे करने का चलन लम्बे समय से चला आ रहा है, इस कुप्रथा को समाप्त करने के लिए अब जातीय समाजों के रूप में लोग आगे आने लगे हैं जहां गुर्जर समाज में मुरैना के संत हरिगिरीदास जी महाराज तेरहवीं, दहेज, शादियों में फिजूलखर्ची जैसी कुप्रथाओं  की समाप्ति के लिए बढ़-चढ़कर अभियान चला रहे हैं वहीं सर्व समाज मैं व्याप्त इनको प्रथाओं के समन के लिए निरहुआ के महंत श्री राम दास महाराज भी अभियान चला रहे हैं ऐसे ही अभियानों से प्रेरित होकर कुशवाहा समाज के द्वारा भी लंबे समय से तेरी जैसी कुप्रथा को समाप्त करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है और ऐसा ही कुछ बड़ा कार्य आज अपने दादाजी की  तेरहवीं न कर रक्तदान शिविर का आयोजन  युवा धीर सिंह कुशवाहा के द्वारा किया गया।