चुनाव में राजनेताओं को उपकृत करने वाले हैं रेत माफिया, मुख्य सचिव करवाई करें: गोविंद सिंह

भोपाल/भिंड। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर कांग्रेस नेता ने रेत अवैध खनन का मामला उठाया है।  कांग्रेस के लहार से विधायक डा. गोविन्द सिंह ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि रेत माफिया अवैध खनन की कमाई से चुनाव में उम्मीदवारों की मदद कर सकते हैं जिससे उन्हें राजनीतिक संरक्षण मिलता रहे। ऐसे माफियाओं पर कार्रवाई करने के लिए विधायक ने प्रदेश के मुख्य सचिव बीपी सिंह को एक पत्र लिखा है। 

उन्होंने पत्र में लिखा है कि मैं पिछले 12 वर्षों से भिंड जिले में रेत के अवैध उत्खनन को रोकने के लिए अनेकों बार विधानसभा में शासन का ध्यान प्रश्नों, ध्यानाकर्षण, जन आंदोलनों तथा माननीय उच्च न्यायालय ग्वालियर खंडपीठ में भी याचिका लगाने के बाद भी अवैध उत्खनन रुकवाने में असफल रहा हूं। आपको बड़ी उम्मीद और विश्वास के साथ पत्र लिख रहा हूं कि आप जैसे कर्म दृष्ट इमानदार मध्य प्रदेश मुख्य सचिव होने के नाते भिंड जिले की डांग पहाड़ खाड़ी में पत्थर का अवैध उत्खनन तथा सिंध नदी में होने वाले अवैध रेत खनन को रोकने के लिए ठोस एवं कड़ी कार्रवाई करेंगे। समूचे मध्यप्रदेश समेत भिंड जिले में 30 सितंबर 2018 तक शासन ने नदियों से रेत निकालने पर प्रतिबंध लगाया है परंतु भिंड जिले में प्रतिदिन ग्राम अजनास, मंडोरी, डडवा, गिरवा, कछपुरा समेत सिंध नदी शासकीय भूमि एवं किसानों के खेतों से एक हजार से अधिक बड़े ट्रकों से लगभग एक करोड़ रुपए की रेत की चोरी जिले के राजस्व पुलिस से खनिज विभाग के अधिकारी खनिज माफियाओं से मिलकर आ रहे हैं। 

खनिज माफियाओं द्वारा मई-जून में भारी पैमाने पर अनेक स्थानों पर रेत डंप कर रखा था। जिसे पुलिस खनिज एवं राजस्व अधिकारियों ने चोरी करा कर बेच डाला। जब रेत बचा ही नहीं तो भी जिला प्रशासन ने खनिज माफियाओं को अवैध रूप से रेत निकालने के लिए फर्जी रेत के डंपर की खुलेआम चोरी करने की छूट दे दी है। जिससे अनेकों स्थान पर रेत माफियाओं ने सिंध नदी में बड़ी-बड़ी पोकलेन तथा जेसीबी मशीनें लगाकर भारी पैमाने पर रेत का अवैध खनन कर बेचना शुरू कर दिया है। खनिज माफिया रेत की अवैध कमाई से आगामी विधानसभा चुनाव 2018 में राजनेताओं को लेकर उपकृत करने वाले हैं जैसा कि वर्ष 2013 के चुनाव में उम्मीदवारों को चुनाव लड़ाने के लिए किया गया था जिनसे उन्हें राजनीतिक संरक्षण मिलता रहे।