चंबल में गुंडाराज, मंत्री बोले- 'जहां की जैसी तासीर वहां वैसी घटना'

भिंड। मध्यप्रदेश में रेत माफियाओं का गुंडाराज किसी से छुपा नहीं है। अवैध उत्खनन के खिलाफ कार्रवाई करने वाले सरकारी अमले तक पर हमला करने से भी यह नहीं डरते। सूबे में सबसे ज्यादा आतंक रेत माफिया ने चंबल क्षेत्र में मचा रखा है। हाल ही में मुरैना में एक डिप्टी रेंजर को रेत माफिया ने ट्रेक्टर से कुचल दिया|  इन घटनाओं के बावजूद नेताओं के अजीब बयान सामने आ रहे हैं।  स्वास्थ्य मंत्री रुस्तम सिंह का हैरान करने वाला बयान सामने आया है। उन्होंने इन घटनाओं के पीछे चंबल के खून का असर बताया है। 

मंत्री ने मीडिया से चर्चा करते हुए चम्बल में रेत माफिया के गुंडाराज पर कहा कि जहां की जैसी तासीर होती है वहां वैसी घटनाएं होती है। दरअसल, सूबे में सबसे ज्यादा रेत माफिया चंबल क्षेत्र में ही सक्रिय हैं। समय समय पर विपक्ष आरोप लगाता रहा है कि इन माफियाओं को स्थानीय नेताओं का संरक्षण प्राप्त है। चंबल का इतिहास काफी खूनी संघर्ष भरा रहा है। यहां छोटे से विवाद में भी लोग हिंसा पर उतर आते हैं। इसी संदर्भ में मंत्री रुस्तम सिंह ने ऐसा बयान दिया है। क्योंकि सबसे अधिक घटनाएं इसी क्षेत्र की सामने आती हैं।

गौतलब है कि प्रदेश में रेत माफ़ियाओ के हौसले बुलंद हैं। पूर्व में रेत माफ़ियाओ के द्वारा मुरैना में एक आईपीएस नरेन्द्र कुमार की हत्या, फिर मूरैना में डिप्टी रेंजर सूबेदार सिंह की रेत माफ़ियाओं द्वारा हत्या की खबर ने सबको हिला कर रख दिया है। सरकार मारे गए अफसर को परिवार को मुआवजा देकर अपना पल्ला झाड़ लेती है। लेकिन बेखौफ माफियों पर लगाम लगाने में असफल रही है। अब जब चुनावी समय है तो एक बार फिर अवैध उत्खनन के मुद्दे को विपक्ष भी जोर शोर से उठा रहा है।

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