विवादों में आरक्षक भर्ती प्रक्रिया: छाती पर जाति, अब एक कमरे में युवक-युवतियों का मेडिकल चेकअप

भिंड| मध्य प्रदेश में इन दिनों आरक्षक भर्ती प्रक्रिया विवादों में है| धार में अभ्यर्थियों के सीने पर एसटी एससी लिखने का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब एक बार फिर आरक्षक भर्ती प्रक्रिया सवालों के घेरे में है| ताजा मामला भिंड जिले में सामने आया है जहाँ मेडिकल चेकअप टीम ने एक ही कमरे में महिला और पुरुष अभ्यर्थियों के मेडिकल टेस्ट किये। महिलाओं के सामने ही पुरुष अर्धनग्न अवस्था में खड़े टेस्ट करवाते रहे। जबकि खास बात यह है कि मेडिकल चेकअप के दौरान कोई भी महिला डॉक्टर और नर्स मौजूद नहीं थी। मामले पर विवाद होने के बाद सिविल सर्जन डॉ. अजीत मिश्रा ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। वहीं मेडिकल टेस्ट प्रभारी देवेंद्र शर्मा को निलंबित कर दिया गया है| कलेक्टर इलैया राजा टी ने जांच के आदेश दिए हैं| तीन दिवस के अंदर सिविल सर्जन जांच रिपोर्ट सौंपेंगे| 

प्राप्त जानकारी के अनुसार  मंगलवार को प्रदेश के नम्बर वन जिला चिकित्सालय भिण्ड में एक ही कमरे में युवक और युवतियों का मेडिकल चेकअप किया गया। यहां युवतियों के सामने युवकों को अर्धनग्न करवाया गया, यही नहीं युवतियों के मेडिकल टेस्ट के लिए कोई भी महिला चिकित्सक या नर्स भी नहीं दिखाई दी। जानकारी के मुताबिक भिंड पुलिस लाइन में 217 नवीन महिला और पुरुष आरक्षकों की भर्ती हुई है जिनमें से कुछ चरणों में जिला चिकित्सालय में सभी का मेडिकल टेस्ट करवाया जा रहा है। मंगलवार को इनमें से ही 39 युवक युवतियों के मेडिकल टेस्ट करवाए गए जिनमें 18 युवतियां और 21 युवक शामिल थे। इन सभी को एक ही कमरे में बुलाया गया और अर्धनग्न अवस्था में युवकों के सामने युवतियोंं का मेडिकल टेस्ट किया गया वह भी बिना किसी महिला चिकित्सक के। महिला पुरुष नवआरक्षकों के एक साथ एक कमरे में मेडिकल परीक्षण करने के बारे में जब चिकित्सालय के सिविल सर्जन डॉ. अजीत मिश्रा से बात की गई तो पहले वो जवाब देने से बचते रहे लेकिन बाद में उन्होंने इसकी जांच के निर्देश दिए।