MP में फिर होंगे थोकबंद तबादले, एक दर्जन से ज्यादा कलेक्टर-एसपी पर भी गिरेगी गाज

भोपाल। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता हटने के बाद प्रदेश में एक बार फिर थोकबंद तबादलों का सिलसिला शुरू होगा। हालांकि इस बार तबादले उस तरह से नहीं होंगे, जिस तरह से आचार संहिता लागू होने से पहले हुए थे। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 25 मई से लेकर विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले तक जरूरी तबादले करने की सहमति दे दी है। साथ ही जो विभाग आचार संहिता लागू होने की वजह से तबादला आदेश नहीं निकाल पाए थे, वे तबादले कर सकेंगे। 

प्रदेश में सत्ता परिर्वतन के बाद जनवरी, फरवरी एवं मार्च के पहले हफ्ते में अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों से लेकर जिला स्तर पर बड़ी संख्या में तबादले हुए थे। ज्यादा संख्या में तबादला आदेश जारी होने की वजह से मप्र सरकार की देश भर में चर्चा हुई थी। चूंकि लोकसभा चुनाव के नतीजे 23 मई को आ रहे हैं और उसी दिन आदर्श आचार संहिता हट जाएगी। इसके बाद सरकारी विभाग तबादला आदेश जारी करने के लिए स्वतंत्र होंगे। मंत्रालयीन सूत्रों ने बताया कि इस संबंध में सभी विभागों को सूचित कर दिया है कि सिर्फ जरूरी तबादले आदेश ही जारी किए जाएं। सरकार पहले की तरह ताबड़तोड़ तबादला आदेश जारी करने से परहेज करने को कहा है। हालांकि जो विभाग पूर्व में तबादले नहीं कर पाए, वे तबादला कर सकते हैं। 


कलेक्टर-एसपी भी बदले जाएंगे

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सत्ता की कमान संभालते ही करीब 40 जिलों के कलेक्टर बदले थे। 35 जिलों के पुलिस अधीक्षकों को बदला गया था। लेकिन लोकसभा चुनाव बाद एक दर्जन से ज्यादा जिलों के एसपी-कलेक्टर बदले जाने की संभावना है। इसमें उन अफसरों को फिर से कलेक्टर-एसपी बनाया जा सकता है, जिन्हें चुनाव आयोग ने हटा दिया था। 

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