कमलनाथ की बैठक में शामिल नहीं हुए ये दिग्गज, फिर उठा गुटबाज़ी का मुद्दा

भोपाल। लोकसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री कमलनाथ ने लोकसभा चुनाव प्रत्याशियोंं की एक बैठक बुलाई थी। इसमें लोकसभा प्रत्याशियोंं को शामिल होना था। लेकिन कई कांग्रेस दिग्गज इस बैठक से नदारत रहे। जिसे लेकर कांग्रेस में गुटबाज़ी हावी होने की चर्चा एक बार फिर होने लगी है। हालांकि, पार्टी नेताओं का कहना है कि इस तरह की कोई बात नहीं है। सीएम की बैठक में दिग्विजय सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया, अजय सिंह, अरूण यादव, और नकुल नाथ शामिल नहीं हुए। जिसके बाद इस तरह के सवाल उठ रहे थे। 

लोकसभा उम्मीदवारों की बैठक को राज्य कांग्रेस कार्यालय के तीसरे तल के सम्मेलन कक्ष में बुलाया गया था। सुप्रीम कोर्ट के वकील विवेक तन्खा, जो भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह को चुनौती देने के लिए जबलपुर से मैदान में आए हैं, और रतलाम से पांच बार के सांसद, कांतिलाल भूरिया, 24-अन्य उम्मीदवारों में से थे। लेकिन राज्य कांग्रेस के सबसे बड़े नाम इस बैठक में नहीं दिखाई दिए। यह अटकलें शुरू हो गईं कि गुटीय राजनीति फिर से खड़ी हो गई है, लेकिन पार्टी ने इस बात से इनकार किया।

वरिष्ठ नेता मनक अग्रवाल ने बताया कि, यह बैठक नए प्रत्याशियों के लिए थी। जो पहली बार प्रत्याशी बनाए गए थे। उनके लिए नहीं जो पूर्व सीएम रह चुके हैं। दिग्विजय सिंह जी दिल्ली में थे, यह बैठक उम्मीदवारों को मतगणना के बारे में जानकारी देने के लिए थी इसलिए दिग्विय का ऐसी बैठक में शामिल होना जरूरी नहीं था वह हर बात को काफी बारीकी से जानते हैं। गुना से चार बार के सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया न्यूयॉर्क में थे। वह अपने पुत्र के किसी कार्यक्रम में शामिल होने वहां गए हुए हैं। पीसीसी के प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी, जो सिंधिया के करीबी माने जाते हैं, ने कहा, "उन्होंने येल विश्वविद्यालय में अपने बेटे महानारायण के स्नातक समारोह में भाग लिया। नई दिल्ली पहुंचने में 24 घंटे लगते हैं और सिंधिया जी को आधी रात को लौटना है। ”

वहीं, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह की माता का निधन हाल ही में हुआ है। वह चुरहट में हैं और उनकी माता की 13 वीं तक वह वहां स कहीं नहीं जा सकते। इसलिए वह बैठक में शामिल नहीं हुए। कांग्रेस प्रवक्ता रवि सक्सेना ने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव को पार्टी द्वारा "एक विशेष कार्य" सौंपा गया है। सक्सेना ने कहा, "अरुण यादव नई दिल्ली में हैं और उन्हें दिए गए असाइनमेंट पर काम कर रहे हैं।" ज्ञातव्य है कि यादव उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के करीबी मित्र हैं। लेकिन कांग्रेस कार्यभार पर अड़ी हुई थी और आगे कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

कांग्रेस प्रवक्ता रवि सक्सेना ने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव को पार्टी द्वारा "एक विशेष कार्य" सौंपा गया है। सक्सेना ने कहा, "अरुण यादव नई दिल्ली में हैं और उन्हें दिए गए असाइनमेंट पर काम कर रहे हैं।" ज्ञातव्य है कि यादव उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के करीबी मित्र हैं। 

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