शिवराज के भाई और रिश्तेदारों का भी हुआ कर्ज माफ, कांग्रेस ने जारी की लिस्ट

भोपाल। मध्य प्रदेश में किसानों के ऋण माफी का मुद्दा गरमा गया है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपनी सभाओं में कमलनाथ सरकार पर किसानों के ऋण माफी के नाम पर किसानों से धोखा देने का आरोप लगा रहे हैं। जिसके जवाब में अब कांग्रेस ने शिवराज के भाई और रिश्तेदारों के कर्जे माफ़ होने के सबूत जारी किये हैं| इस सूची में शिवराज के गांव जैत के कई नाम शामिल हैं| सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इस सूची के माध्यम से दावा किया जा रहा है कि कर्जमाफी के तहत जिन किसानों का कर्ज माफ़ हुआ है उनमे शिवराज के भाई रोहित सिंह चौहान और सगे चाचा के बेटे निरंजन सिंह का नाम भी है| 

इससे पहले कांग्रेस के दिग्गज नेता सुरेश पचौरी कांग्रेस के प्रतिनिधि मंडल के साथ  21 लाख किसानों के ऋण माफी के प्रमाण पत्र लेकर शिवराज के घर पहुंचे और उन्हें लगभग 50 से ज्यादा बंडल सौंपे। शिवराज सिंह चौहान को ऋण माफी के प्रमाण पत्र सौंपते हुए पचौरी ने  शिवराज से शिकायत की कि वे चुनावी सभाओं में ऋण माफी को लेकर लगातार असत्य जानकारी दे रहे हैं। कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में फसल ऋण माफी का जो वायदा किया है उसे पूरा किया जा रहा है। इसकी प्रक्रिया है जो चल रही है। पचौरी ने बताया कि महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में भी भाजपा ने जो ऋण माफी की घोषणा की थी उसे पूरा करने के लिए तीन माह से ज्यादा का समय लगा था। पचौरी ने शिवराज से आग्रह किया कि वे अपनी सभाओं में किसानों को गलत जानकारी न दें। हम जो प्रमाण पत्र दे रहे हैं इनका परीक्षण करा लें। 

इसके बाद शिवराज ने भी सरकार को घेरा और शिवराज ने  एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि प्रतिनिधि मंडल सुरेश पचौरी के नेतृत्व में आया। केवल सूची बढ़ा देने से कर्जा माफ नहीं हो सकता है। प्रदेश के किसानों पर कुल 48 हजार करोड़ का कर्जा था। उसके एवज में प्रदेश सरकार ने बजट में केवल पांच हजार करोड़ का प्रावधान रखा और उसमें से भी सिर्फ 1300 करोड़ रुपए इसके लिए दिए हैं, तो कैसे सारे किसानों का कर्जा माफ हो गया ? उन्होंने कहा कि, मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मुझे केवल कृषि विभाग की किसानों की लिस्ट भिजवाई है। आप बैंकों की सूची दीजिए, कर्ज माफ तो बैंक करेंगे। शिवराज के आरोपों के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर शिवराज के आरोपों को झूठा बताते हुए कहा कि किसानों का सर्टिफिकेट चाहिए शिवराज क्या सोचते हैं उससे कोई फर्क नहीं पड़ता|