कैलाश का तंज, 'वाह कमलनाथ जी, अपने ही साथियों का शिकार कर दिया'

भोपाल। मध्य प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के 6 माह के भीतर ही कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है| विधानसभा चुनाव में जहां कांग्रेस 15 साल बाद सरकार बनाने में सफल हुई तो वहीं लोकसभा चुनाव में सभी दिग्गज एक साथ चुनाव हार गए| कांग्रेस के लिए 2014 की मोदी लहर से भी ज्यादा घातक 2019 की सुनामी घातक साबित हुई है| सिर्फ एक सीट कांग्रेस के खाते में आती दिख रही है| छिंदवाड़ा सीट से नकुलनाथ ने जीत दर्ज की है, यह सीट कमलनाथ की परम्परगत सीट रही है, वही कमलनाथ भी उपचुनाव में जीत गए हैं| कुल मिलाकर पिता पुत्र की जोड़ी ही जीत सकी, बाकी सभी नेता चुनाव हार गए| इसको लेकर कांग्रेस में सन्नाटा है, क्यूंकि ऐसे परिणाम की उम्मीद किसी को नहीं थी| वहीं कांग्रेस की करारी हार और राजा महाराजा के चुनाव हार जाने को लेकर बीजेपी के वरिष्ठ नेता और महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने पार्टी के अंदर की खींचतान पर निशाना साधते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय सिंह की हार पर तंज कसा है| 

 भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने इसे लेकर एक ट्वीट किया है। जिसके बाद प्रदेश की सियासत गरमा सकती है। उन्होंने लिखा है वाह रे राजनीति !!! मध्यप्रदेश में बस दो ही जीते 'पिता और पुत्र' बाकी सारे राजा, महाराजा और दरबारी निपट गए या निपटा दिए गए! इस तरह की रणनीति सिर्फ कांग्रेस में ही संभव है! मोदी के आँधी के सामने दुबका विपक्ष! "  कैलाश यही नहीं रुके उन्होंने अगले ट्वीट में दिग्विजय सिंह और सिंधिया की हार के लिए भी इशारों-इशारों में मुख्यमंत्री कमलनाथ पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि "मध्यप्रदेश में बस दो ही जीते 'पिता और पुत्र' बाकी सारे राजा, महाराजा और दरबारी निपट गए या निपटा दिए गए! इस तरह की रणनीति सिर्फ कांग्रेस में ही संभव है"! कैलाश विजयवर्गीय के इस ट्वीट से सियासी गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है|  

बता दें कि 2014 के लोकसभा चुनाव में देश भर में मोदी लहर थी, इस दौरान भी सिंधिया अपनी सीट बचाने में कामयाब हुए थे| लेकिन इस बार जबकि हाल ही में ग्वालियर चम्बल की सीटों पर कांग्रेस को सफलता मिली थी| लेकिन सिंधिया इस बार अपनी सीट नहीं बचा सके| इसको लेकर मंथन शुरू हो गया है, वहीं सियासी गलियारों में तरह तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं| दिग्विजय राजगढ़ से टिकट चाहते थे, लेकिन कमलनाथ ने उन्हें सबसे कठिन सीट से चुनाव लड़ने के लिए मना लिया था| जिसके बाद भोपाल सीट पर बीजेपी ने भी पूरी ताकत लगा दी और दिग्विजय को हार का मुंह देखना पड़ा| इस हार के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि, जनादेश का सम्मान करता हूं। हार को स्वीकार करता हूं, हमारी उम्मीदों के मुताबिक परिणाम नहीं आए हैं। इस हार की समीक्षा करेंगे और जनता के साथ हर परिस्थिति में खड़े रहेंगे।



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