बंद नहीं होगी मेधावी विद्यार्थी योजना, संशोधन के लिए कमेटी गठित

भोपाल। राज्य सरकार मेधावी विद्यार्थी योजना में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए संशोधन करने जा रही है। साथ ही योजना को बंद करने की संभावना भी लगभग खत्म हो गई है। तकनीकी शिक्षा विभाग ने योजना के तहत आवेदन लेने की तैयारी भी शुरू कर दी है। विभाग एक जुलाई से आवेदन लेगा। पूर्व भाजपा सरकार ने विद्यार्थियों को व्यावसायिक पाठ्यक्रम की पढ़ाई कराने के लिए मेधावी विद्यार्थी योजना शुरू की थी।

सरकार विद्यार्थियों को योजना का लाभ देने और माली हालत को लेकर समन्वय बैठाने की कोशिश कर रही है। भाजपा सरकार ने विद्यार्थियों को व्यावसायिक पाठ्यक्रम की पढ़ाई कराने के लिए मेधावी विद्यार्थी योजना शुरू की है। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन और सरकार की माली हालत को देखते हुए इस योजना को बंद किए जाने की बात सामने आ रही थी, लेकिन सरकार की ओर से अभी तक ऐसा कोई फैसला नहीं लिया गया है। इसके लिए योजना की शर्तों में आंशिक संशोधन किया जाएगा। मालूम हो, सरकार सीबीएसई बोर्ड से 85 फीसदी और एमपी बोर्ड से 70 फीसदी अंकों से उत्तीर्ण विद्यार्थियों को व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता देती है। विभागीय सूत्र बताते हैं कि सबसे ज्यादा राशि मेडिकल की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों पर खर्च होती है। इस पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों की संख्या भी ज्यादा रहती है। खासतौर पर इस पाठ्यक्रम की शर्तों में बदलाव किया जा सकता है। सूत्र बताते हैं कि नई परिस्थिति में इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को सरकार कितनी सहायता देगी, यह प्रवेश एवं शुल्क विनियामक कमेटी तय करेगी। कमेटी शैक्षणिक संस्थाओं की सुविधा के हिसाब से उनकी फीस तय करती है। सूत्र बताते हैं कि नई परिस्थिति में इन पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को सरकार कितनी सहायता देगी, यह प्रवेश एवं शुल्क विनियामक कमेटी तय करेगी। कमेटी शैक्षणिक संस्थाओं की सुविधा के हिसाब से उनकी फीस तय करती है।

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