सालाना 3.30 करोड़ रुपए खर्च, शहर में फिर भी खुलेआम घूम रहे खूंखार कुत्ते

भोपाल। कुछ दिन पहले राजधानी भोपाल में एक मासूम की आधा दर्जन कुत्तों ने नोच - नोच कर जान ले ली थी| इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद प्रशासन जागा, ढेरों मीटिंग हुई और योजना बनाई गई| नगर निगम इसको लेकर मुहिम चलाने की बात कह रहा है| लेकिन ये मीटिंग कितनी खानापूर्ति की थी| इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिस जगह पर मासूम को कुत्तो ने काटा था वो खूंखार कुत्ते आज भी वही घूम रहे है और प्रशासन कह रहा है हम इस पर सख्ती से काम कर रहे है| पिछले बार जो अभियान चलाया गया था वो सिर्फ कागजों तक सिमटता नजर आ रहा है| 

निगम अपने किए गए इन कामों का करता है दावा

-सूरज नगर नसबंदी केंद्र में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। यहां नवोदय वेट सोसायटी द्वारा रोजाना 15 से 20 नसबंदी होने का दावा किया जा रहा है, इसकी संख्या दोगुनी करने को कहा गया है। लेकिन इसके लिए स्टॉफ नहीं बढ़ाया गया।

- भोपाल प्लस एप में हेल्पलाइन नंबर दिया गया।

- वैक्सीनेशन हुए कुत्तों की पहचान के लिए विशेष रंग से टैग लगाने पर सहमति बनी है। लेकिन काम चालू नहीं हो पाया।

निगम कमिश्नर की माने तो कुत्तों की नसबंदी को लेकर चलाए जा रहे अभियान acb सही चल रहा है| पिछले 5 साल में उन्होंने 1 लाख 9 हजार 625 कुत्तों की नसबंदी कराई है| लेकिन एनिमल वेलफेयर बोर्ड का कहना है कि जो आंकड़े नगर निगम ने दिए हैं वह पूरी तरीके से गलत है| अगर यह आंकड़े सही होते तो शहर में नए कुत्ते नजर नहीं आते| कुछ दिन पहले संभागआयुक्त कार्यालय मे हुई बैठक मे संभाग कमिश्नर कल्पना श्रीवास्तव ने इसको लेकर नाराजगी जताई थी| इस दौरान वहां मौजूद दूसरे NGO ने ACB कार्यक्रम को चला रहे नवोदय पर सवाल उठाए गए थे| 


कुत्तों पर अब तक खर्च हुआ इतना

-आवारा कुत्तों से जुड़ी समस्या पर निगम सालाना 3.30 करोड़ रुपए करती है खर्च

- 2 करोड़ रुपए एबीसी और कुत्तों के वेक्सीनेशन का खर्चा

-रैबिज के वेक्सीनेशन पर औसतन सालाना एक करोड़ खर्च, साथ ही स्वास्थ्य विभाग अलग खर्च कर रहा है

- नगर निगम के डॉग स्क्वॉड में लगभग 40 सदस्यीय टीम और 6 डॉग कैचर व्हीकल.

- डॉग स्क्वॉड टीम सहित व्हीकल पर सालाना 60 लाख रुपए हो रहे हैं खर्च

निगम कमिश्नर का कहना है अचार संहिता हटने के बाद कुत्तों को रखने के लिए शेल्टर होम बनाए जाएंगे लेकिन कब क्योंकि ये पहली बार नहीं है जब किसी बच्चे की मौत कुत्ते के हमले मे हुई हो इससे पहले भी मासूमों की जान जा चुकी है ...सवाल निगम पर उठ रहा है क्योंकि रात होते ही कॉलोनियों मे कुत्तों का कब्जा हो जाता है और आने जाने वाले लोगों काफी परेशान होते हैं.| 

"To get the latest news update download the app"