48 घंटे पहले ही ड्यूटी पर गए थे चंबल के लाल, फिर आई शहादत की खबर

भिण्ड|  मनीष ऋषीश्वर | 

छत्तीसगढ़ के सुकमा में हुए नक्सली हमले में चम्बल के दो सपूत भी शहीद हो गए|  भिंड के जितेंद्र सिंह राजावत को अपने घर परिवार से बिछड़े हुए 48 घंटे भी नहीं हुए थे कि भारत मां की रक्षा में उन्होंने अपने प्राणों को न्योछावर कर दिए|  बरबस ही कोई रो पड़ेगा या फफक पड़ेगा कि जो व्यक्ति पिछले 48 घंटे पहले यानी कि रविवार को अपने तीन तीन बच्चों, पत्नी माता-पिता भाई बंधुओं से मेल मिलाप करके अपनी ड्यूटी पर गया हो और कुछ ही घंटे हुए हो कि उसकी शहादत की खबर उन्हीं परिजनों को मिली जिन्होंने खुशी-खुशी ड्यूटी पर जितेंद्र सिंह राजावत को रवाना किया था | अब हाल यह है कि न केवल जितेंद्र के परिवारीजन बल्कि पूरा चतुर्वेदी नगर रोड भिंड जिला जितेंद्र की शहादत पर शोकाकुल और गौरवान्वित है कि एक और वीर ने अपने देश की आंतरिक रक्षा में अपने प्राणों को न्योछावर कर दिया| 

जानकारी के मुताबिक छत्तीसगढ़ के सुकमा में नक्सली हमले में मुड़भेड़ के दौरान शहीद हुए जवानों में से दो जवान देशभक्तों और शहीदों की धरा कहे जाने वाले चम्बल के दो जिलों भिण्ड और मुरैना से भी शामिल हैं|  भिण्ड के चतुर्वेदी नगर में रहने वाले रिटायर्ड शिक्षक रामबीर सिंह कुशवाह के पुत्र जितेंद्र सिंह राजावत नक्सली हमने में शहीद हुए है, जितेंद्र की करीब 7 वर्ष पूर्व शादी हुई थी उनके तीन छोटे छोटे बच्चे हैं जिनमें एक लड़का व दो लड़कियां हैं। जितेंद्र की शहादत की खबर भिण्ड आने के बाद न केवल परिवार मोहल्ला बल्कि पूरे भिण्ड में शोक की लहर दौड़ गई है|  जितेंद्र के चतुर्वेदी नगर स्थित निवास पर सूचना मिलने के बाद से ही लोगों की भीड़ होना इकट्ठी हो गई है और हर और जितेंद्र की शहादत चर्चाएं हो रही है जानकारी के मुताबिक कल सुबह छत्तीसगढ़ के रायपुर से सबको भिंड के लिए रवाना किया जाएगा जो शाम तक भिंड पहुंच सकेगा।

सीआरपीएफ के जवान जितेंद्र सिंह कुशवाह की धर्म पत्नी का नाम सोनम कुशवाह है दो बच्ची और एक बच्चा हैं, शादी को 6 वर्ष हो गए हैं,  2005 में सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे , 212 - कोबरा बटालियन में सुकमा छस्तीशगड में पदस्थ थे । जितेंद्र पिछले महीने सुकमा से 25 दिन की छुट्टी पर आये थे और परसों  बीते रविवार को ही वापस ड्यूटी पर गए थें, तीनों  बच्चों के नाम रुचि 4 ,सोनम 3 , और आशुतोष 2 वर्ष है।


होली की छुट्टी मनाकर ड्यूटी पर लौटा था मुरैना का जवान 

चम्बल के एक और लाल ने देश की रक्षा करते हुए शहादत दी है ,युवा की शहादत से अंचल अपने आपको गौरवान्वित महसूस कर रहा है लेकिन उनके असमय निधन से शोक की लहर भी है। मुरैना जिले के पोरसा थाना इलाके के तरसमा गांव के रहने वाले राम किशन सिंह तोमर आज छत्तीसगढ़ के सुकमा में हुए नक्सली हमले में शहीद हुए है ,रामकिशन 212 बटालियन में एएसआई पद पर पदस्थ थे , रामकिशन होली की छुट्टी पर ही घर आये थे , 11 मार्च को ही उन्होंने वापिस ज्वाइन किया था।  रामकिशन पांच भाई है , इनके अलावा एक और भाई सेना में ही है। रामकिशन का परिवार ग्वालियर के दीनदयाल नगर में रह रहा है उनके एक बेटी 20 साल और एक बेटा 17 साल है। रामकिशन ने लगभग 32 साल पहले सेना में ज्वाइन किया था।  


"To get the latest news update download tha app"