Breaking News
खाना खाने के बाद बिगड़ी तबियत, दो सगी बहनों की मौत, मां की हालत गंभीर | पूर्व राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा की जन्मशताब्दी मनाएगी सरकार : शिवराज | अस्पताल के बच्चा वार्ड में लगी आग, मची अफरा-तफरी, 35 बच्चे थे भर्ती | खुशखबरी : मंत्री ने किसानों की मांग की पूरी, मोहनी सागर डेम से हरसी के लिए छुड़वाया पानी | पदोन्नति में आरक्षण : अब 22 अगस्त को होगी अगली सुनवाई, सपाक्स रखेगा अपना पक्ष | MP : आकाशीय बिजली का कहर, मवेशी चराने गए 6 लोगों की मौत, 12 घायल | गंगा की गोद में समाए 'अटल', 'बेटी नमिता ने ऊं' के उच्चारण के साथ हरकी पैड़ी में विसर्जित की अस्थियां | 'मजनू' के सिर से उतारा इश्‍क का भूत, लड़की ने चप्पलों से पीटा, भीड़ ने काटे बाल | महाकाल मंदिर के बाहर खून-खराबा, युवक ने दंपत्ति पर किया चाकू से हमला, मचा हड़कंप | BSP राष्ट्रीय महासचिव का गठबंधन से इंकार, कहा- प्रदेश की 230 सीटों पर लडेंगें चुनाव |

खुदकुशी से पहले सोशल मीडिया पर एक्टिव थे भय्यू जी महाराज

इंदौर|  जाने माने आध्यात्मिक गुरु भय्यूजी महाराज ने अपने घर में खुद को गोलीमार कर आत्महत्या कर ली है, उनके इस कदम से हर कोई हैरान है| ख़ुदकुशी से कुछ घंटों पहले ही भय्यूजी महाराज सोशल मीडिया पर एक्टिव थे| फेसबुक और ट्विटर पर उन्होंने कई पोस्ट किये हैं, जिसमे उन्होंने खेती किसानी से जुडी कुछ गहरी बात भी कही है| भय्यूजी महाराज सिर्फ एक संत नहीं बल्कि समाज सेवा में भी आगे थे, प्रदेश में जिस तरह से किसानों के मुद्दे पर चर्चा गरमाई हुई है, इसको लेकर भी चिंतन करते थे| 

मॉडलिंग की दुनिया छोड़कर आध्यात्म की दुनिया में आने वाले भय्यूजी महाराज ने अपना सन्देश फेसबुक और ट्विटर पर शेयर किया है| उन्होंने ट्विटर पर लिखा है "मासिक शिवरात्रि' को 'महाशिवरात्रि' कहते हैं। दोनों पंचांगों में यह चन्द्र मास की नामाकरण प्रथा है, जो इसे अलग-अलग करती है। मै सभी भक्तगणों को इस पवन दिवस की बधाई एवं शुभकामनाये देता हु" 

कृषि और जलसंकट पर जताई चिंता 

फेसबुक पर उन्होंने कृषि को लेकर पोस्ट किया है,, उन्होंने लिखा है "हमारी सम्पूर्ण अर्थव्यवस्था कृषि पर ही निर्भर है | आज देश को अनेक हिस्सों में जल की पर्याप्त सुविधाएँ नहीं हैं | इसका कृषि पर सीधा प्रभाव पड़ रहा है | भूमि के गिरते जल स्तर के कारण गांवों के कुएं-बावड़ियाँ व नहरें सूखने की स्थिति में हैं | ऐसे में वर्षा ही एकमात्र स्त्रोत रह जाता है, लेकिन वर्तमान समाज की अमर्यादित व उपभोगवादी विचारधारा के चलते प्रकृति का समय चक्र भी प्रभावित हुआ है, जिसमें समय पर वर्षा न होना भी शामिल है | कृषि व हमारे जीवन के स्थायित्व व अस्तित्व के लिए जल संवर्धन व संधारण अति आवश्यक है, जिसके लिए युद्ध स्तर पर प्रयास किये जाने की आवश्यकता है | सूर्योदय परिवार द्वारा मध्य प्रदेश व महाराष्ट्र के कई शहरों व गांवों में तालाब व नहरों का निर्माण व गहरीकरण किया गया | जिससे वर्षा के जल का संरक्षण किया जा सके और भूमि में जल का स्तर बढ़ सके | इस योजना के अंतर्गत समाज में जल की महत्ता व उपयोगिता के साथ-साथ वर्तमान उपलब्धता के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए विभिन्न शिविर व कार्यक्रम भी आयोजित किये जाते है ।सूर्योदय जल संधारण एवं संवर्धन योजना के अंतर्गत अब तक 1257 तालाबों का निर्माण किया गया" 

केंद्रीय मंत्री तोमर को दी थी बधाई 

नरेंद्र सिंह तोमर को बधाई देते हुए भी एक पोस्ट फेसबुक पर उन्होंने शेयर किया है| जिसमे लिखा है "नरेंद्र सिंह तोमर भारतीय जनता पार्टी के प्रसिद्ध राजनीतिज्ञ हैं जो भारत के केंद्रीय ग्रामीण विकास, पंचायती राज, पेयजल और स्वच्छता मंत्री हैं।मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता श्री. नरेंद्र सिंह तोमर संगठनात्मक क्षमता के साथ ही प्रशासन पर मजबूत पकड़ और कुशल रणनीतिकार के रूप में जाने जाते हैं। एक जमीनी कार्यकर्ता के रूप में उनकी छवि आमजन में अंकित है. बहोत ही सादगी और सिद्धान्ति जीवन यापन करने वाले कर्मठ, स्पष्टवादी और मजबूत इरादों के श्री. नरेंद्र सिंह तोमर जी का सूर्योदय परिवार के सामाजिक कार्य में मार्गदर्शन एवं सहयोग प्राप्त होता है. सूर्योदय परिवार से उनका स्नेह और सेवार्थ कार्य में रूचि के लिए हम उनके आभारी है. आज उनका जन्मदिन है. ईश्वर से यही प्रार्थना है की उन्हें स्वस्थ और लम्बी आयु प्रदान करे और समाज तथा राष्ट्र निर्माण का कार्य उनके हाथो से सदैव होता रहे."

सरकार ने दिया था राज्यमंत्री का दर्जा, भय्यूजी ने किया था इंकार 

मध्य प्रदेश सरकार ने हाल ही में भय्यूजी महाराज को राज्यमंत्री का दर्जा दिया था| लेकिन इस सुविधा को लेने से इंकार कर दिया था|  उनकी पत्नी माधवी का दो साल पहले निधन हो चुका है। 30 अप्रैल 2017 को शिवपुरी की डॉ. आयुषी से उन्होंने दूसरी शादी की थी| 1968 को जन्में भय्यू महाराज का असली नाम उदयसिंह देखमुख है। वे शुजालपुर के जमींदार परिवार से ताल्लुक रखते है। उनका कई हाईप्रोफाइल लोगों से संपर्क रहा है| वे चर्चा में तब आए जब अन्ना हजारे के अनशन को खत्म करवाने के लिए तत्कालीन केंद्र सरकार ने अपना दूत बनाकर भेजा था। बाद में अन्ना ने उनके हाथ से जूस पीकर अनशन तोड़ा था। पीएम बनने के पहले गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में मोदी सद्भावना उपवास पर बैठे थे। तब उपवास खुलवाने के लिए उन्होंने भय्यू महाराज आमंत्रित किया था।


राजनीति से बॉलीवुड तक थे भक्त 

राजनीति, बॉलीवुड हो या बिसनेस की दुनिया की दिग्गज हस्तियां, सभी जगह भय्यू महाराज के अनुयायी थे| अपने ग्लैमर अंदाज के कारण उनकी एक अलग पहचान थी| शान्ति का सन्देश देने वाले एक आध्यात्मिक संत का इस तरह का कदम उठाना देश भर को आश्चर्य में डाल रहा है| उनके आश्रम में आने वाले पहले वीआईपी महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख थे। उनके बाद देश के कई बड़े नेता, अभिनेता, गायक और उद्योगपति उनके आश्रम आ चुके हैं। इनमें पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, पीएम नरेंद्र मोदी, शिवसेना के उद्धव ठाकरे और मनसे के राज ठाकरे, लता मंगेशकर, आशा भोंसले, अनुराधा पौडवाल, फिल्म एक्टर मिलिंद गुणाजी भी शामिल हैं। वहीं मध्य प्रदेश सरकार के कई मंत्री विधायक महाराज को मानते थे| 

  Write a Comment

Required fields are marked *

Loading...