आतंक का अंत: एनकाउंटर में मारा गया डकैत बबुली और लवलेश कोल, लाश बरामद

 सतना| मध्य प्रदेश के सतना, रीवा और उत्तरप्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में आतंक का पर्याय बन चुका छह लाख का इनामी डकैत बबुली कोल पुलिस एनकाउंटर में मारा गया। उसके एक और साथी लवलेश कोल भी मारा गिराया है। सतना के जंगल से दोनों के शव बरामद कर लिए गए हैं। पहले गैंगवार में दोनों डकैतों के मारे जाने की खबर थी| लेकिन सोमवार सुबह पुलिस द्वारा एनकाउंटर में डकैतों के मारे जाने का दावा किया गया| आईजी चंचल शेखर ने बबुली कोल के मारे जाने की आधिकारिक पुष्टि की है। बबुली पर साढ़े 6 लाख, लवलेश पर 1 लाख 80 हज़ार का इनाम था| इन दोनों के खात्मे के साथ ही सतना और विंध्य में डकैतों का सफाया और आतंक का अंत हो गया है| 

इलाके में डकैत बबुली कोल का आठ साल से आतंक था| सिर्फ मध्य प्रदेश में ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश में भी बबुली कोल की दहशत थी| वो इतना शातिर था कि वारदात करने के बाद दूसरे राज्य में भाग जाता था। इस वजह से वो पुलिस के हाथ नहीं आ रहा था। कई वारदातों में पुलिस जंगलों में उसकी तलाश कर रही थी, लेकिन बबुली कोल जंगल के रास्ते ही उत्तरप्रदेश पहुँच जाता था| अपहरण की कई वारदात को बबुली कोल ने अंजाम दिया था| पिछले हफ्ते ही शनिवार को डकैत बबुली कोल ने सतना के किसान अवधेश द्विवेदी को उसके घर से अगवा कर लिया था।  डकैत बबुली कोल ने पहले किसान के नौकर को बंदूक की नोक पर अपने कब्जे में लिया था। किसान का अपहरण करने के बाद बबुली कोल गिरोह ने किसान के परिवार को फोनकर पचास लाख की फिरौती मांगी थी। जिसके बाद पुलिस इसकी तलाश में जुटी थी, इस बीच अचानक किसान अपने घऱ पहुंचा था। इसके बाद से ही चर्चा हो रही थी कि वो फिरौती देकर सकुशल छूटा था। 

रविवार को ऐसी खबरें भी सामने आई थी कि फिरौती के रकम के बंटवारे को लेकर बबुली कोल गिरोह में फूट पड़ गई थी और गैंग में नए शामिल हुए लाली कोल ने इन दोनों को मौत के घाट उतारा था। हालांकि पुलिस ने इससे इंकार किया है। आज पुलिस ने इन दोनों के मारे जाने की पुष्टि कर दी। पुलिस ने बताया कि एनकाउंटर में दोनों डकैत मार गिराए हैं| दोनों के पास से हथियार भी बरामद किये गए हैं|   

 150 से ज्यादा मुकदमे

बबुली कोल ने डोंडा टिकरिया गांव के एक ही परिवार के 5 सदस्यों की पहले नाक काटी और पैर और हाथ पर गोली मारकर घायल कर दिया था। सभी के ऊपर पेट्रोल छिड़कर आग लगा दी थी। पांचों की मौत के बाद बबली ने इनके घरों में आग लगा दी थी। इसी घटना के बाद यूपी सरकार ने बबली पर एक लाख का इनाम रखा था। बबली ने 31 दिसंबर 2012 को पुलिस के मुखबिर होने के शक के चलते खमरिया के जंगल में 2 लोगो की हत्या कर दी थी। मानिकपुर जिले के निहि गांव में 31 की रात राजू पाल की हत्या की थी। बबुली के खिलाफ करीब 150 से ज्यादा मामले यूपी और एमपी में दर्ज हैं।

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