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ई-टेंडर में हुई गड़बड़ी को लेकर कमलनाथ का शिवराज को पत्र, सीबीआई जांच की मांग

भोपाल| मध्यप्रदेश सरकार के ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल में टेम्परिंग करने का मामला उजागर होने के बाद कांग्रेस प्रदेश कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है| पिछले दिनों ई-टेंडर में छेड़छाड़ का यह गंभीर मामला उजागर हुआ है| टेम्परिंग के जरिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग के १000 करोड़ रुपए के तीन टेंडरों के रेट बदल दिए गए। गंभीर तथ्य यह है कि इनमें दो टेंडर राजगढ़ के बांधों से करीब एक हजार गांवों में पेयजल सप्लाई परियोजना के भी हैं। इनका शिलान्यास 23 जून को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करने वाले हैं। यह गड़बड़ी सामने आते ही मैप-आइटी के प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी के पत्र के बाद पीएचई प्रमुख सचिव प्रमोद अग्रवाल ने तीनों टेंडर निरस्त कर दिए हैं। वहीं इस गड़बड़ी को उजागर करने वाले आईएएस मैप आईटी विभाग के प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी को जबरन अवकाश पर भेज दिया गया है। इसको लेकर भी कमलनाथ ने सवाल उठाये हैं| 

 कमलनाथ ने सीएम को लिखे अपने पत्र में कहा है कि भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था के लिये ई- टेंडर की व्यवस्था लागू की गयी थी , लेकिन इसमें सामने आयी गड़बड़ी से यह पूरी व्यवस्था व इसमें अभी तक शामिल लाखों करोड़ों के सभी ई - टेंडर संदेह के घेरे में है| मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार एक व्यवस्था बन चुका है| हर योजना , हर क्षेत्र व हर कार्य में भ्रष्टाचार बड़ी संख्या में व्याप्त है| उन्होंने लिखा इस गड़बड़ी को उजागर करने वाले आईएएस मैप आईटी विभाग के प्रमुख सचिव मनीष रस्तोगी को सात दिन की छुट्ठी पर भेज दिया गया है, ताकि इस मामले में पीछे से लीपा पोती की जा सके| चुकी इस राजगढ़ क्षेत्र की दो पेयजल परियोजनाओं का शिलान्यास प्रधानमंत्री द्वारा इसी माह प्रस्तावित था, इसलिए यह मामला और गंभीर हो जाता है| 

कमलनाथ ने लिखा है कि कांग्रेस चाहती है कि इस ई -टेंडरिंग के पूरे मामले को सीबीआई को सौंपा जाए| साथ ही अभी तक जारी सारे ई टेंडरों की भी सूक्ष्मता व निष्पक्षता से जांच कराई जाए| लेकिन ऐसा लग रहा है कि इस पूरे मामले को दबाने और रफा दफा कराने का खेल शुरू हो चुका है| चलती जांच में इन गड़बड़ियों को उजागर करने वाले मेप आईटी के प्रमुख को अवकाश पर भेजा जाना इस आशंका को बलवती कर रहा है कि इस गड़बड़ी पर पर्दा डालने और दोषियों को बचाने का सुनियोजियत खेल चल रहा है| कमलनाथ ने कहा है इस घोटाले की जांच होना चाहिए यह प्रदेश का सबसे बड़ा घोटाला साबित होगा|  

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