अयोध्या विवाद: 40 दिन चली ऐतिहासिक बहस पूरी, सुप्रीम कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित

नई दिल्ली।

सुप्रीम कोर्ट में राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद विवाद की सुनवाई पूरी हो गई है।40  दिन सुनवाई करने के बाद आज बुधवार को कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।अब 23 दिन बाद सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुनाएगा।सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों से कहा कि वे मोल्ड़िंग ऑफ रिलीफ़ पर तीन दिनों में लिखित जवाब कोर्ट में दें। माना जा रहा है कि सालों पुराने इस विवाद पर जस्टिस रंजन गोगोई रिटायर होने से पहले फैसला सुना देंगेय़ उनका रिटायरमेंट 17 नवंबर को है। पहले उन्होंने कहा था कि किसी भी हाल में इस मुद्दे पर सुनवाई 18 अक्टूबर तक पूरी हो जाएगी।लेकिन तय समय से पहले ही सुनवाई पूरी हो गई और फैसला सुरक्षित रख लिया गया।

आज सुनवाई शुरू होते ही मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) ने साफ कर दिया कि आज शाम को पांच बजे मामले में अंतिम सुनवाई होगी। हालांकि सुनवाई एक घंटे पहले चार बजे ही खत्म हो गई।  पांच सदस्यीय संवैधानिक पीठ इस मामले की सुनवाई की। आज मुस्लिम और हिंदू पक्ष ने अपनी-अपनी दलीलें अदालत के सामने पेश कीं। इस दौरान कोर्टरूम में ड्रामा देखने को मिला। मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन ने हिंदू महासभा के वकील द्वारा पेश किए गए नक्शे को फाड़ दिया। हालांकि लंच के बाद दुबारा सुनवाई के दौरान राजीव धवन ने ऐसा करने की वजह बतायी। धवन ने कहा कि उन्होंने चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की सहमति से वह नक्शा फाड़ा था। इसपर चीफ जस्टिस ने भी सहमति जतायी.

इस मैप को पब्लिश करने वाले  कुणाल किशोर ने मैप फाड़े जाने पर कहा, वह ( धवन) बुद्धिजीवी हैं, उन्हें लगा कि यह मैप अगर अदालत के सामने पेश हो गये तो केस खत्म हो जायेगा, इसलिए उन्होंने मैप फाड़ दिया। अगर उन्हें मैप पर कोई आपत्ति थी तो उन्हें उसी वक्त कहना चाहिए जब उन्हें यह मैप दिया गया था।राजीव धवन ने मशहूर शायर इकबाल की ग़ज़ल पढ़ी- "मज़हब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना, हिंदी है हम वतन है, हिंदुस्तान हमारा." राजीव धवन ने कहा कि मैं आखिरी में बस ये कहूंगा कि आप हमें प्रोटेक्ट करें। सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने फैसला सुरक्षित रख लिया।


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