अग्निकांड की आड़ में सरकारी उपज में हेराफेरी करने वालो पर गिरेगी गाज, कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश

आष्टा/सीहोर। अनुराग शर्मा।

बहुचर्चित सुमित वेयरहाउस में 14 जून को अचानक लगी आग मामले में संदेह स्पद अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर अब जिले के संवेदनशील कलेक्टर अजय गुप्ता की नजर बनी हुई है। सुमित वेयरहाउस में लगी आग के मामले में अब कलेक्टर अजय गुप्ता ने संज्ञान लेते हुए जांच के निर्देश जिला पंचायत सीईओ अरुण विश्वकर्मा को दिए है। अब पूरे मामले की जांच जिला पंचायत सीईओ अरुण विश्वकर्मा करेगे।

बता दें कि सुमित वेयरहाउस में अधिकारियों की मिलीभगत से लंबे समय से कम उपज की शिकायत मिल रही थी। पूर्व में भी उपज में मिलावट की सूचना मिलने पर वेयरहाउस कोरपेर्शन और सहकारिता विभाग, खाद्य विभाग के अधिकारी निरीक्षण के लिए गए थे । तब भी अधिकारियों की मिलीभगत से मामले को रफा दफा कर दिया गया। वहीं 31 मई को वेयरहाउस कोरपेर्शन के आष्टा प्रबंधक जेएस भदौरिया का तबादला भी हुआ, अधिकारियों की साठगांठ से 7 जून को भदौरिया का तबादला फिर निरस्त कर दिया गया। सवालो के घेरे में खड़े वेयरहाउस कोरपेर्शन के प्रबंधक ने आनन फानन में आष्टा के वेयरहाउसो में रखे उपज की गिनती करवाई और 10 जून को मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कोरपेर्शन के जिला प्रबंधन को पत्र लिखकर आष्टा और जावर के गोदामों में गेहूं की कम गिनती की और अनिमितताओं की जानकारी दी गई। 

जिसमें समिति पर गेहूं का मिलान ना करवाना वहीं सुमित वेयरहाउस में 3000 बोरिया, आर्शीवाद वेयरहाउस में 75 बोरिया,माँ अम्बिका वेयरहाउस में 72 बोरिया कम होने का पत्र 10 जून को मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज के जिला प्रबंधक को पहुंचाया। कार्यवाही होती उससे पूर्व ही 14 जून को अचानक सुमित वेयरहाउस में आग लग गई। इस पूरे मामले में अधिकारियों की मिलीभगत होने की आशंका जाहिर की जा रही थी । जिसको लेकर वेयरहाउस में लगी आग मामले में मीडिया लगातार  अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े कर रहा था ।जिसे संवेदनशील कलेक्टर अजय गुप्ता ने गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत सीईओ अरुण विश्वकर्मा को जांच अधिकारी बनाया।

पंचनामे में लीपापोती, अब सीईओ करेंगे जांच

सुमित वेयरहाउस में 14 जून को आग लगी। अग्निकांड की जांच जेएस भदौरिया, शाखा प्रबंधक आष्टा,वीके सदवाते जिला प्रबंधक सीहोर,आर के रायचूर निरीक्षक सहकारिता विभाग,रानू मंसूरी,गब्बर सिंह ने सुमित वेयरहाउस पहुंच कर पंचनामा बनाया था । वही इस पंचनामे की जानकारी जब संबंधित अधिकारियों से मांगी तो संबंधित अधिकारियों ने मीडिया से दूरी बना ली । और पंचनामे की  जानकारी मीडिया को उपलब्ध नही कराई । पंचनामे में शुरू से ही अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर शंका जाहिर की जा रही थी ।

वही सुमित वेयरहाउस में उपज की कमी का पत्र आग लगने से पूर्व 10 जून और 12 जून को शाखा प्रबंधक ने मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज के जिला प्रबंधक को लिखा और कम वजन का उल्लेख किया। सीहोर कलेक्टर अजय गुप्ता ने पूरे मामले में संज्ञान लेते हुए। वेयरहाउस कोरपेर्शन ,सहकारिता विभाग, नागरिक आपूर्ति निगम की अधिकारियों की इस मामले में संदेहस्पद कार्यप्रणाली देखने को मिल रही है जिसकी जांच अब जिला पंचायत सीईओ अरुण विश्वकर्मा जांच अधिकारी के रूप में करेगे ।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कलेक्टर ने जिला पंचायत सीईओ को जांच अधिकारी के रूप अधिकृत किया है। वहीं जिला पंचायत सीईओ को  निर्देश दिए है वही गोदाम में कम उपज की का उल्लेख किया है उसके पत्र भी संलग्न है ओर गोदाम में कितना उपज था?

2019-20 में कितनी खरीदी की गई थी ? डब्लूएचआर के तहत कितना उपज संग्रहित था गोदाम में? आग में कितना दलहन, गेंहू का नुकसान हुआ? कितनी उपज का सत्यापन हुआ? कई बड़े बिंदुओं पर अब जिला पंचायत सीईओ पूरे मामले की जांच करेंगे। 

अब देखना दिलचस्प होगा कि लंबे समय से आष्टा में गोदाम मालिकों और वेयरहाउस कोरपेर्शन, सहकारिता विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहे खेल में कितने अधिकारियों पर कार्यवाही होती है?



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