14 सालों पहले MP में भी हो चुका है अमृतसर जैसा हादसा, आज भी लोगों की कांप उठती है रुह

भोपाल।

दशहरे के दिन पंजाब के अमृतसर में हुए रेल हादसे ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। हादसे में करीब 61 लोग काल के गाल में समा गए और दर्जनों घायल हो गए। हादसा इतनी भयावह था कि लोगों के चिथड़े उड़ गए, किसी की गर्दन एक छोर पर मिली तो किसी का धड़ दूसरे छोर पर।नजारा ऐसा था कि लोग मोबाइल फ़ोन का टॉर्च जला कर रेलवे ट्रैक और इसके आसपास की झाड़ियों में अपने परिजनों को ढूंढ रहे थे। मौत के इस खौफनाक मंजर को जिसने भी देखा उसकी रूह कांप गई।लेकिन क्या आपको पता है मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में भी सालों पहले ऐसा ही एक हादसा हो चुका है।इस हादसे में 12 लोगों की मौत हो गई थी, और कई लोग घायल हो गए थे।

दरअसल, घटना आज से 14 साल पहले नवंबर 2004 की है। 28 नवंबर-2004 को सांची में दो दिनी बौद्ध मेला लगा था। उसमें शामिल होने के लिए राहुल नगर और 74 बंगला स्थित शिवनगर से कई लोग सुबह भोपाल रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। सभी सांची जाने के लिए पैसेंजर ट्रेन में सवार होकर गंतव्य के लिए रवाना हुए थे। तेज रफ्तार ट्रेन को रास्ता देने के लिए पैसेंजर ट्रेन को सूखी सेवनिया रेलवे स्टेशन पर रोक दिया गया था। कुछ लोगों के बीच ट्रेन के भोपाल से रवाना होते ही विवाद होने लगा था। सूखी सेवनिया में ट्रेन के रुकते ही दोनों पक्ष रेलवे ट्रैक पर विवाद करने लगे थे। इस बीच भोपाल की तरफ से तेज रफ्तार स्वर्ण जयंती ट्रेन सबकों रौंदती हुई चली गई।इसक पहले लोग कुछ समझते 12 लोगों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी और दर्जनों घायल हो गए थे। हादसा इतना भयानक था कि रेलवे ट्रैक खून पूरा खून से भर गया। जगह-जगह लोगों की कटी लाशे बिछी पड़ी थी, किसी का हाथ तो किसी का पैर तो किसी सिर ध़ड से अलग हो चुका था। परिजन अपनों को ढूढ़ते इधर उधर भटक रहे थे, चीखने चिल्लाने की आवाज सुनाई दे रही थी, होनी के सामने अपने आपनों के लिए बेबस नजर आ रहे थे।पटरियों पर मौत को आते और पलक झपकते कई लोगों की जान ले लेने वाला ये भयानक दृश्य कल्पना से परे है। यहां के लोग जब भी इस हादसे को याद करते है तो उनकी भी रुह कांप जाती है।