पूर्व विधायक से 22 लाख वसूलने पर गर्माई सियासत, अब शिवराज ने दी कमलनाथ को चेतावनी

भोपाल।

 बीजेपी के दिग्गज नेता और पूर्व विधायक सुरेंद्रनाथ सिंह (मम्मा) से पुलिस द्वारा 23 लाख 76 हजार 280 रुपए वसूली के मामले में अब सियासत गर्मा गई है। बीजेपी ने पुलिस के इस रवैये पर सवाल उठाए है। मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने इसे तुगलकी फैसला करार देते हुए वापस लेने की मांग की है। ऐसा ना करने पर उन्होंने देख लेने की धमकी दी है।शिवराज ने कहना है कि मैं भी देखूंगा कितनों की संपत्ति जप्त करते है।

शिवराज का कहना है कि ये तुगलकी फैसला है । सरकार जनाक्रोश से डरी हुई है। इन्हें डर है रोज ऐसे ही प्रदर्शन होंगे। लोग इंदिरा जी के आपातकाल के दौरान दमन नीतियों से नहीं डरे तो इससे क्या। कमलनाथ जी आपकी कुचलने वाली नीतियों  को कुचल देंगे। ऐसा मध्य प्रदेश नहीं देश के राजनीतिक इतिहास में कभी नहीं हुआ।कमलनाथ बीजेपी को डराने ओर दबाने की कोशिश कर रहे है।हम अपील करते है सरकार लोकतंत्र को कुचलने के तुगलकी फरमान ना निकाले । वही उन्होंने धमकी देते हुए कहा कि मैं भी देखूंगा कितनों की संपत्ति जप्त करते है।

दरअसल,  गुमठी व्यापारियों के समर्थन में बिना अनुमति के सीएम हाउस, वल्लभ भवन, पुलिस महानिदेशक और संभागायुक्त कल्पना श्रीवास्तव के चार इमली स्थित बंगले का घेराव के मामले में पूर्व विधायक सुरेंद्रनाथ सिंह (मम्मा) से 23 लाख 76 हजार 280 रुपए का नुकसान करने का आरोप लगा है। इसके चलते इन पैसों की वसूली अब पूर्व विधायक से की जाएगी। पुलिस ने इसका प्रस्ताव तैयार कर कलेक्टर तरुण पिथोड़े को भेज दिया है। पुलिस ने इसके पीछे तर्क दिया है कि 20 अगस्त को पूर्व विधायक सिंह और उनके समर्थकों द्वारा सीएम हाउस सहित 12 अलग-अलग स्थानों से घेराव किया गया था। इसके चलते पुलिस को प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ता था। कानून व्यवस्था में पुलिस के जवानों और अफसरों की ड्यूटी लगाई गई थी, इसके चलते पुलिस पुलिस प्रशासनिक, विभागीय और न्यायालयीन से जुड़े काम नहीं कर पाई।  आकस्मिक ड्यूटी के चलते पुलिस को 23 लाख 76 हजार 280 रुपए का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ा। इधर, पूर्व विधायक सुरेंद्रनाथ सिंह का कहना है कि 42 साल की उनकी राजनीतिक सफर में यह पहली घटना है, जब प्रदर्शन करने पर जुर्माना वसूली की बात की जा रही है। 


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