राहुल गांधी के इंकार के बाद अधीर रंजन चौधरी होंगे लोकसभा में कांग्रेस के नेता

नई दिल्ली।

17वीं लोकसभा में विपक्ष ने अपना नेतृत्व करने के लिए पश्चिम बंगाल के बहरामपुर से सांसद अधीर रंजन चौधरी को सदन में विपक्ष का नेता बनाया है।  UPA अध्यक्ष सोनिया गांधी के आवास पर हुई बैठक में यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। अधीर रंजन ने 1999 से कांग्रेस के सांसद हैं। अधीर रंजन चौधरी ने 2014 से 2018 तक पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया है।

पार्टी की ओर से लोकसभा को लिखे गए पत्र में कहा गया, “अधीर रंजन चौधरी लोकसभा में विपक्ष के नेता होंगे और वे सभी अहम वर्गों और समितियों का प्रतिनिधित्व करेंगे।” 

इससे पहले कांग्रेस यह भी चर्चा की जा रही थी कि राहुल गांधी को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी जाए। लेकिन राहुल गांधी के यह पद लेने से इन्कार कर दिया था। उसके बाद यह महत्वपूर्ण फैसला आज लिया गया। 

ये दिग्ग्गज नेता थे दौड़ में शामिल

अधीर रंजन चौधरी के साथ-साथ केरल के कांग्रेस नेता के सुरेश, पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी और तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर भी महत्वपूर्ण पद के लिए दौड़ में शामिल थे। लेकिन अधीर रंजन चौधरी को उनके अनुभव के आधार आखिरी में अधीर रंजन चौधरी ने बाजी मारी। 

5वीं बार सांसद बने हैं अधीर रंजन चौधरी

बहरामपुर में कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी  का दबदबा रहा है। हाल ही में संम्पन्न हुए चुनाव में चौधरी ने तृणमूल कांग्रेस की अपूर्बा सरकार को 80 हजार से अधिक वोटों से हराया था। अधीर रंजन चौधरी 1999 में बहरामपुर सीट से पहली बार चुनाव  लड़े थे एवं जीत दर्ज की थी। उसके बाद अधीर चौधरी ने 2004, 2009 और 2014 और 2019 में लगातार सांसद बने। इसके अलावा 2014 से 2018 तक पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष भी रहे।

मोदी भी कर चुके हैं प्रशंसा

आपको बता दे कि सुधीर रंजन चौधरी की तारीफ खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी कर चुके हैं। पीएम ने चौधरी को ‘फाइटर’ बताया था। कॉन्फ्रेंस रूम से निकलते हुए पीएम ने उनकी पीठ थपथपाते हुए अन्य  वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओ के सामने कहा था कि चौधरी एक ‘फाइटर’ हैं।

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