"महल" में हुई बैठक के सबूत मिलते ही कोर्ट जाएगी BJP, कलेक्टर बोले-चाय पर थी चर्चा

ग्वालियर

पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस बार के दौरे में शामिल स्मार्ट सिटी की बैठक बहुत चर्चा में रही । चर्चा की वजह इस बैठक का जयविलास पैलेस यानि महल में होना रहा। भाजपा ने इसके विरोध का एलान किया था। लेकिन कलेक्टर द्वारा इसे सामान्य चाय पर चर्चा करार दिए जाने के बाद भाजपा अब बैकफुट पर है। जिला अध्यक्ष का कहना है कि महल की बैठक का सुबूत मिलते ही हम कोर्ट जायेंगे।

ज्योतिरादित्य सिंधिया शहर विकास से जुड़े मुद्दों पर हमेशा से संज्ञान लेते रहे हैं। लेकिन जब से प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी है तब से बैठकों  के माध्यम से अधिकारियों को निर्देश देने लगे है। वे कांग्रेस सरकार बनने के एक बार कलेक्ट्रेट में स्मार्ट सिटी सहित अन्य विकास कार्यों की बैठक ले चुके हैं लेकिन तब वे गुना सांसद थे लेकिन इस बार उन्होंने बैठक के लिए स्मार्ट सिटी के कामों की समीक्षा के लिए अधिकारियों को महल में बुला लिया। अब चूंकि सिंधिया ना मंत्री है ना सांसद इसलिए सवाल ये उठा कि वे किस हैसियत से बैठक बुला रहे हैं और वो भी महल यानि जयविलास पैलेस में। 

बीजेपी का विरोध, कलेक्टर की सफाई

भाजपा ने विरोध किया तो कलेक्टर अनुराग चौधरी ने इसे बैठक ना कहते हुए चाय पर चर्चा और एक सामान्य मुलाकात बताया । लेकिन जब महल में ये बकौल कलेक्टर ये चाय पर चर्चा हुई तो ये करीब तीन घंटे चली। बैठक में संभाग आयुक्त बीएम शर्मा, कलेक्टर अनुराग चौधरी ,कमिश्नर नगर निगम संदीप माकिन, पुलिस अधीक्षक नवनीत भसीन, स्मार्ट सिटी कम्पनी के सीईओ महीप तेजस्वी सहित स्मार्ट सिटी कम्पनी के अधिकारी शामिल हुए। जानकारी के अनुसार अधिकारी विकास कार्यों की फाइल भी साथ लेकर गए ।

सिंधिया ने जताई नाराजगी

 सूत्र बताते हैं कि सिंधिया ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि स्मार्ट सिटी के काम हो या कोई अन्य विकास कार्य विरासत के साथ  छेड़ छाड़ स्वीकार नहीं होगी। उन्होंने सड़कों की ख़राब हालत के लिए निगम कमिश्नर संदीप माकिन को फटकारा । सिंधिया ने कहा कि मुझे मालूम चला है कि कुछ दिन पहले ही बनाई गई एक सड़क बारिश में धंस गई। ऐसे काम नहीं चलेगा इसके लिए सम्बंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करें और कार्रवाई करें। कलेक्टर अनुराग चौधरी और स्मार्ट सिटी सीईओ महीप तेजस्वी से सिंधिया ने महाराज बाड़े का प्लान पूछा ।प्लान सुनने के बाद सिंधिया ने कहा कि सभी बिल्डिंग्स को पुराने हैरिटेज लुक में लाया जाये और कैमिकल ट्रीटमेंट से उन्हें चमकाया जाये। शहर की स्ट्रीट लाइटों पर लगी झालरों की लेकर सिंधिया ने नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसी लाइटिंग शहर को खूबसूरत नहीं बनाती । हैरिटेज थीम पर काम करते स्मार्ट लाइटिंग की व्यवस्था करें। सिंधिया ने महाराज बाड़े पर यातायात को व्यवस्थित करने के लिए उसे नो व्हीकल जोन बनाने का सुझाव भी दिया। 

सबूत लेकर कोर्ट जाएगी बीजेपी

बैठक के बाद जब सिंधिया मीडिया से मिले तो उन्होंने बैठक को लेकर उठ रहे सवालों पर कहा कि ग्वालियर के विकास के लिए मैं किसी भी हद तक जा सकता हूँ ये मेरा शहर है जिसको जो कहना है कहे। बैठक में विकास के मुद्दों पर बहुत बात हुई है और हम आगे भी करते रहेंगे ।  उन्होंने कहा कि मैं भाजपा या किसी और के विरोध से नहीं डरता। क्योंकि भाजपा की नीति कभी विकास की नहीं रही। हम विकास को लेकर काम कर रहे हैं तो वे विरोध कर रहे हैं । हालांकि कलेक्टर ने इसे सामान्य मुलाकात और चाय पर चर्चा ही कहा । उन्होंने दावा किया कि किसी योजना या काम पर चर्चा या निर्णय नहीं हुए। खास बात ये रही कि बैठक को सरकारी नहीं बताने के लिए ना तो मीडिया को एलाऊ किया गया और ना ही कोई प्रेस नोट जारी किया गया। उधर भाजपा जिला अध्यक्ष देवेश शर्मा ने एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ से कहा कि कलेक्टर अनुराग चौधरी इसे सामान्य मुलाकात कह रहे हैं यदि हमें  ऐसे कोई सुबूत मिलते हैं कि सरकारी अधिकारियों के साथ सिंधिया ने महल में चाय पर चर्चा नहीं बैठक की है। तो हम कोर्ट मवन जायेंगे। और इस तरह के आयोजनों का विरोध करेंगे। बहरहाल भाजपा के यहाँ  एक ही कहावत फिट बैठती हैं कि जब सांप निकल गया तो लाठी पीटने से क्या होगा। यानि जिले के सभी वरिष्ठ अधिकारी जयविलास पैलेस में सिंधिया के बुलावे पर गए वहां तीन घंटे तक बैठक कर लौट आये और अब भाजपा। सुबूत मिलने का इंतजार कर रही है।

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