बसपा के ऐलान से भाजपा को बड़ा झटका, अपने विधायकों को बुलाया दिल्ली

भोपाल। मध्य प्रदेश में त्रिशंकु मुकाबले की स्थिति बन रही है। सत्तासीन भाजपा पटरी से उतरती नजर आ रही है। भाजपा 112 और कांग्रेस 108 सीटों पर आगे चल रही है। इस बीच बसपा उम्मीदवारों ने भी बढ़त बनाई है। जिसे लेकर कयास लगाए जा रहे हैं कि अब सरकार बनाने में अहम भूमिका बसपा की हो सकती है। इससे पहले दिल्ली में बसपा प्रमुख मायावती ने बड़ा ऐलान कर दिया है। उन्होंने किसी भी हाल में भाजपा के साथ जाने से मना कर दिया है। लेकिन कांग्रेस के लिए भी उन्होंने हां नहीं की है। कयास लगाए जा रहे हैं अगर भाजपा और कांग्रेस में से किसी भी दल को बहुमत नहीं मिलता है तो बसपा कांग्रेस के साथ जा सकती है। 

जानकारी के अनुसार बसपा प्रमुख ने अपने विधायकों को दिल्ली तलब किया है। वह उनके साथ बनते बिगड़ते समीकरण पर चर्चा करेंगी। इस दौरान मध्य प्रदेश के लिए BSP के प्रभारी रामअचल राजभर ने कहा, "अभी 5 राउंड की काउंटिंग ही हुई है. पहले चुनाव जीत जाने दीजिए. फिर हम विधायकों के साथ प्रमाणपत्र प्राप्त करेंगे और फिर आगे की रणनीति पर विचार करेंगे. अभी तक बहन जी से जीतने वाले विधायकों को दिल्ली बुलाने संबंधित कोई दिशा निर्देश नहीं प्राप्त हुआ है. समर्थन किसको देना है, देना है या नहीं देना है, इन सभी विषयों पर सिर्फ बहनजी ही फैसला लेती हैं और एमपी में भी वही लेंगी."

टिकट बंटवारे के बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि बसपा भाजपा और कांग्रेस का खेल बिगाड़ने में कामयाब होगी। और रूझाने से भी कुछ ऐसा ही होता दिखाई दे रहा है। दोहपर दो बजे तक दोनों दलों में से किसी को भी बहुमत नहीं मिला है। मायावती ने भी बड़ा ऐलान कर भाजपा के साथ गठबंधन करने पर पूर्णविराम लगा दिया है। उनके बयान से सियासत और गरमा गई है। उन्होंने अपने विधायकों को भी दिल्ली बुलाया है। खबर है कि कमलनाथ बपसा विधायकों से संपर्क में लगातार बने हैं। 


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