झाबुआ उपचुनाव के बाद होगा मंत्रिमंडल विस्तार, बदलेंगें कई मंत्रियों के विभाग

भोपाल।

झाबुआ उपचुनाव से पहले फिर कमलनाथ मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं शुरु हो गई है। खबर है कि चुनाव के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा। साथ ही मंत्रियों के विभागों में भी परिवर्तन होगा।  इसके लिए बीते नौ महिने के काम-काज का लेखा-जोखा देखा जाएगा।परफॉरमेंस के आधार पर मंत्रियों के विभाग बदले जाएंगें। इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग से मंत्रियों का ब्यौरा मांगा गया है।सुत्रों की माने तो मंत्रीमंडल विस्तार में असंतुष्टों को भी साधने की कोशिश हो सकती है​, जाहिर है यह काम नगरीय निकाय चुनावों से पहले ही किया जाएगा जिससे इसका लाभ भी नगरीय निकाय चुनावों में मिल सके।वही  माना जा रहा है कि कांतिलाल भूरिया अगर चुनाव जीत जाते हैं, तो उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है। 

दरअसल, वर्तमान में कमलनाथ कैबिनेट में मुख्यमंत्री समेत अन्य 28 मंत्री हैं। मंत्रिमंडल में अब भी 6पद रिक्त है, ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि कुछ नए चेहरे ही शामिल किए जा सकते हैं। वही जिनके पास एक से ज्यादा विभाग है उनकी विभागों में कटौती की जा सकती है।इसके लिए मुख्यमंत्री तमाम मंत्रियों के कामकाज का रिव्यू कर रहे हैं। मंत्रियों के रिपोर्ट कार्ड का अध्ययन किया जा रहा है, उनकी कार्यशैली की समीक्षा की जा रही है। उसके बाद किसे मंत्रिमंडल में रखा जाए और किसे बाहर किया ।जाए परफाॅर्मेंस के आधार पर उनके विभागों में कटौती होगी। उन्होंने सामान्य प्रशासन विभाग से ऐसे मंत्रियों का ब्योरा भी मांगा है, जिनके पास एक से अधिक विभागों का जिम्मा है।

सूत्रों के मुताबिक मंत्रिमंडल के गठन के बाद से ही सरकार में जगह न पाने वाले पार्टी के वरिष्ठ विधायक और बाहर से सरकार को समर्थन दे रहे निर्दलीय विधायक समय-समय पर अपनी नाराजगी जता चुके हैं। अहम बात यह है कि कांग्रेस सरकार प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी (बसपा), समाजवादी पार्टी (सपा) और निर्दलीय विधायकों के समर्थन से चल रही है। ऐसे में ख़राब परफॉर्मेंस पर कुछ मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। वही उनकी जगह लम्बे समय से मंत्री बनने के लिए जोर लगा रहे विधायकों को साधने मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता है।


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