इस रिपोर्ट से हुई पुष्टि, भय्यू महाराज ने लाइसेंसी बंदूक से ही की थी आत्महत्या

इंदौर

भय्यू म​हाराज की आत्महत्या के बहुचर्चित मामले में पुष्टी हो गई है कि गोली लाइसेंसी रिवॉल्वर से ही चली थी। पुलिस ने खुलासा किया है कि गोली लाइसेंसी रिवॉल्वर से चली थी। बेलेस्टिक रिपोर्ट से इसकी पुष्टी हुई है। सभी रिपोर्ट पुलिस के पास आ गई है लेकिन केस में जांच अधिकारी नियुक्त नहीं होने से अब तक रिपोर्ट ही फाइनल नहीं हो पाई है।

दरअसल, भय्यू महाराज ने खुद को गोली मारी वह रिवाल्वर उन्हीं के नाम की लाइसेंसी थी। रिवाल्वर वेवले कंपनी, यूके की थी और कारतूस .32 केलिबर का था। गोली सिर से आर पार होकर दीवार से टकराई थी। सागर से मिली बेलेस्टिक जांच रिपोर्ट में पुष्टि हो गई है कि गोली उन्हीं की रिवाल्वर से निकली थी। दीवार पर लगी गोली के निशान पर लेड धातु के अंश थे वह भी उन्हीं की गोली के है। एफएसएल अधिकारी डॉ. बीएल मंडलोई ने माना कि बेलस्टिक जांच रिपोर्ट मिल गई है जिससे सारी बातों की पुष्टि हो गई है, किसी तरह का शक नहीं है। 

बता दे कि इसी साल जून के महीने में य्यूजी महाराज ने इंदौर स्थित अपने आवास पर गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी। खुदकुशी के कुछ दिन बाद ही भय्यूजी महाराज का सुसाइड नोट बरामद हुआ था। भय्यूजी ने लिखा था कि वह बहुत तनाव में दुनिया में छोड़ रहे हैं। उन्होंने इस सुसाइड नोट में लोगों से अपने परिवार की देखभाल करने की अपील की है। सुसाइड नोट के मुताबिक भय्यूजी महाराज ने ने कहा, ' मैं बहुत तनाव में दुनिया छोड़ रहा हूं। कोई मेरे परिवार की जिम्मेदारी ले। मैं तनाव से तंग आ चुका हूं।' संयम और मुक्ति की सीख देने वाले भय्यूजी महाराज, दूसरी पत्नी डॉ. आयुषी और बेटी कुहू के बीच चल रहे विवाद से टूट गए थे। भय्यूजी महाराज दो सालों से दोनों के बीच सुलह कराने के प्रयास करते रहे, लेकिन स्थिति सुधरने के बजाय बिगड़ती चली गई। कई ऐसे मौके आए जब पत्नी और बेटी आमने-सामने आईं और उनमें जमकर विवाद हुआ। भय्यूजी महाराज उस समय चर्चा में आये थे जब अन्ना आंदोलन के समय उन्होंने सरकार के साथ बातचीत में बड़ी भूमिका निभाई थी। उस आंदोलन के समय शरद यादव ने भय्यू जी महाराज की आलोचना भी की थी। वह पहले फैशन डिजाइनर थे बाद में अध्यात्म की ओर मुड़ गये थे।


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