यशोधरा से किनारा, राजमाता का सहारा

भोपाल

चुनावी तारीखों का ऐलान होते ही राजनैतिक दलों की दिलों की धड़कने बढ़ गई है। एक तरफ कांग्रेस चौदह सालों के वनवास को काटने रणनीतियों पर रणनीतियां बना रही है, वही पंद्रह सालों से सत्ता में काबिज भाजपा एक बार फिर सत्ता का ताज हासिल करने में लगी हुई है। अटल अस्थि कलश यात्रा और जनआशीर्वाद के बाद आज भाजपा पार्टी की नींव को मजबूती देने वाली और ग्वालियर के पूर्व राजघराने की महारानी दिवंगत  राजमाता विजयाराजे सिंधिया का 100 वां जन्मदिन जन्मशती वर्ष के रुप में मनाने जा रही है।  वही दूसरी ओर राजमाता की बेटी और शिवराज सरकार में खेलमंत्री इन दिनों भाजपा से नाराज चल रही है। हाल ही में दो कार्यक्रमों में उनकी नाराजगी साफ तौर पर देखी गई।दो दिन पहले ही शाह के दौरे के दौरान मंच पर सभी बड़े नेताओं के पोस्टर बैनर लगे होने पर और  राजमाता सिंधिया का फोटो ना देख यशोधरा भड़क गई थी और शाह के बीच भाषण में ही भरे मंच से उठकर चली गई थी । इसके पहले भोपाल में आयोजित एक बैठक मे भी यशोधरा की नाराजगी चर्चा का विषय बनी थी। ऐसे में अब भाजपा यशोधरा को किनारा कर राजमाता का सहारा लेने जा रही है, जिसके चलते एक बार फिर राजनैतिक सरगर्मियां तेज हो चली है।

दरअसल,  बीजेपी महिला मोर्चा ग्वालियर से लेकर दिल्ली तक पांच दिनों की रिले-मैराथन दौड़ आयोजित करने जा रही है । मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान इन तीनों राज्यों से ही विजयाराजे का सीधा रिश्ता रहा है। विजयाराजे सिंधिया ग्वालियर के पूर्व राजघराने की 'राजमाता' होने के साथ-साथ बीजेपी के संस्थापक सदस्यों में से एक रही हैं। इस रिले-मैराथन दौड़ की शुरुआत विजयाराजे सिंधिया के घराने ग्वालियर से ही शुरु होगी। यहां पर राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान रिले—मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे।रैली की शुरुआत 12 अक्टूबर को ग्वालियर से होगी और 375 किलोमीटर की यह मैराथन मुरैना, धौलपुर, आगरा, मथुरा, वृंदावन, पलवल और फरीदाबाद से होती हुई दिल्ली पहुंचेगी।  दिल्ली में 16 अक्टूबर को इसका समापन होगा, जहां बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह रिले—मैराथन का स्वागत करेंगे। उसके बाद तालकटोरा स्टेडियम में एक भव्य कार्यक्रम होगा।

सिंधिया का असर कम करने पर नजर

एक तरफ जहां भाजपा 'राजमाता' के नाम पर अपने कार्यकर्ताओं को संदेश देगी, वहीं, मध्य प्रदेश में कांग्रेस के चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया के इफेक्ट को कम करने की कोशिश करेगी। पिछले कुछ सालों से भाजपा का गढ़ रहे मध्य प्रदेश के मालवा, निमाड़ और चंबल इलाके से इस बार पार्टी को अपना ग्राफ़ कमज़ोर होने के संकेत मिल रहे हैं। यही इलाका सिंधिया राजघराने का प्रभावी माना जाता है, ऐसे में पार्टी को अब राजमाता के नाम का सहारा लेना बेहद अहम हो गया है।

रैली के पीछे ये है उद्देश्य

इस रैली के माध्यम से पार्टी यह बताने की कोश‍िश करेगी कि मोदी सरकार वास्तव में महिलाओं की कितनी हितैषी है और महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए किस तरह की योजनाएं चलाई जा रही हैं। इस मैराथन के सहारे बीजेपी महिला मोर्चा मोदी सरकार की उन योजनाओं को प्रचारित करेगी और जनता के सामने लाएगी, जिससे महिलाओं का सशक्तीकरण हुआ है। महिला सशक्तीकरण के नाम से आयोजित यह मैराथन पांच राज्यों, मध्यप्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली से होकर गुजरेगा। इनमें से एमपी और राजस्थान ऐसे राज्य हैं जहां कुछ ही दिनों बाद विधानसभा चुनाव होने हैं।जन्मशती समारोह के ज़रिेए बीजेपी महिला सशक्तिकरण का संदेश देना चाहती है, हालांकि चुनावी वर्ष में इसके मायने अलग हैं।

ऐसा रहेगा कार्यक्रम

राजमाता विजयाराजे सिंधिया जन्मशताब्दी वर्ष समारोह की शुरुआत शुक्रवार को उनके समाधि स्थल पर पुष्पांजलि के साथ होगी। इस दौरान महिला सशक्तिकरण मैराथन शुक्रवार की सुबह 10.30 बजे  शुरू होगी। मैराथन को हरी झंडी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान दिखाएंगे। उनके अलावा केंद्र सरकार के मंत्री और राज्य सरकार के भी कई मंत्री इस कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे।  इससे पहले  चौहान छत्री स्थित राजमाता की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे।उनके साथ केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर और यशोधरा राजे सिंधिया भी मौजूद रहेंगे। राजमाता की याद में हो रही इस रेस में देशभर के150 धावक शामिल होंगे। लेकिन इनमें सबसे खास होंगी 102 साल की मान सिंह।