लहसुन भी भावांतर में शामिल, 31 मार्च तक होगा पंजीयन

भोपाल। राज्य सरकार ने लहसुन के गिरते भाव के चलते भावांतर में शामिल करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को बैठक में प्रमुख सचिव कृषि राजेश राजौरा को लहसुन को भावांतर भुगतान योजना में शामिल करने के निर्देश दिये हैं। इसके लिए लहसुन उत्पादक 20 जिले के किसानों को 31 मार्च तक पंजीयन कराने को कहा है। 

अभी तक सरकार ने रबी सीजन की चना, मसूर, सरसों एवं प्याज फसल को शामिल करने का ऐलान किया था। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में लहसुन के गिरते भाव की समीक्षा के बाद इसे भावांतर में शामिल करने को कहा है। साथ ही लहसुन उत्पादक जिले के किसान 15 मार्च से पंजीयन करा सकते हैं। 


लागत मूल्य तय करने बुलाई बैठक

राज्य सरकान ने लहसुन का लागत मूल्य तय करने के लिए गुरुवार को समिति की बैठक राज्य कृषि विपणन बोर्ड कार्यालय में बुलाई है। जिसमें प्रति हेक्टेयर प्रति क्विंटल के हिसाब से लागत तय की जाएगी। समिति 7 दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। यह समिति रबी एवं खरीफ फसलों की लागत मूल्य की गणना करेगी। 


इन जिलों के किसान करा सकेंगे पंजीयन

लहसुन के लिए 20 जिलों को चिह्नित किया गया है। जिनमें नीमच, रतलाम, उज्जैन, मंदसौर, इंदौर, सागर, छिंदवाड़ा, शिवपुरी, शाजापुर, राजगढ़, छतरपुर, आगर-मालवा, गुना, धार, देवास, सीहोर, रीवा, सतना, भोपाल एवं जबलपुर शामिल हैं।

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