Breaking News
अब मंत्री-परिषद के सदस्य उतरेंगें सड़कों पर, जनता को समझाएंगे 'सड़क सुरक्षा' के नियम | 28 सितंबर को फिर भारत बंद का ऐलान, इसके पीछे ये है वजह | 12वीं पास के लिए सरकारी नौकरी पाने का सुनहरा मौका, जल्द करें अप्लाई | शर्मनाक : युवक की हत्या के शक में महिला को निर्वस्त्र कर घुमाया, पथराव-आगजनी, 8 पुलिसकर्मी सस्पेंड | शिवराज कैबिनेट की बैठक खत्म, इन अहम प्रस्तावों को मिली मंजूरी | मॉर्निंग वॉक के दौरान EOW इंस्पेक्टर की मौत, हार्ट अटैक की आशंका | अखिलेश की नजर अब मप्र पर, 3 सितंबर को आएंगें इंदौर | अटल जी के निधन पर पूरे देश में शोक और भाजपा नेता निकाल रहे डीजे यात्रा : कांग्रेस | VIDEO : मोबाईल टॉवर पर चढ़ा शराबी, मचा रहा हंगामा, नीचे उतारने में जुटी पुलिस | चुनावी साल में शिवराज सरकार का मास्टर स्ट्रोक, कुपोषण मिटाने खर्च करेगी 57 हजार करोड़ |

नेता प्रतिपक्ष ने शिवराज को बताया 'मिस्टर डमरु'

भोपाल

एक तरफ प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान मप्र की सड़कों को अमेरिका से अच्छी सड़क बता रहे है, वही दूसरी तरफ दूर दराज गांवों में हालात ये हो गए है कि सड़के ना होने के कारण चारों और पानी भराव की स्थिति हो गई है। ऐसे में ना तो एंबुलेंस गांवों तक पहुंच पा रही है और ना ही मरीज अस्पताल जा पा रहा है। ऐसे में अगर किसी की मौत हो जाए तो गांव वालों को कच्ची सड़कों से शव को खाट या पलट पर रखकर श्मशान गृह ले जाना पड़ता है।ऐसा ही मामला शाजापुर जिले से महज 13  किमी की दूरी पर स्थित नया समाज खेड़ा का है।यहां 75  वर्षीय आनंदीलाल भगीरथ की तबीयत खराब हो गई, लेकिन बारिश के चलते पूरे गांव में पानी भर गया, तो गांव वालों को मजबूर उन्हें खाट पर लेटाकर अपने कंधों पर उठाकर कीचड़ और पानी में से ले जाना पड़ा।


वही शिवपुरी के लुकवासा गांव में भाजपा नेता हरपाल जाटव की हार्ट अटैक से मौत हो जाने पर अंतिम यात्रा उफनते नाले और दलदल भरे रास्ते से निकालनी पड़ी।वही इन दोनों घटनाओं को लेकर नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने सवाल खड़े किए है। उन्होंने मुख्यमंत्री शिवराज को मिस्टर डमरु बताया है और पूछा है कि मिस्टर डमरू अपना डमरू बजाकर ग्रामवासियों को राहत देंगे ।


दरअसल, शाजापुर में स्थिति यह हो गई है कि कई निचले गांवों में घुटनों तक पानी भर गया है। बच्चे स्कूल नही जा पा रहे है, लोगों काम-धंधे पर नही निकल पा रहे है, मरीज अस्पताल नही जा पा रहा है, मुख्य मार्गों बंद पड़े हुए है। लोगों में सरकार के प्रति भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने सरकार द्वारा अनदेखी करने के चलते आगामी चुनाव में वोट ना देने की बात कही है। वही शिवपुरी के लुकवासा मे भी हालात जस के तस है। यहां भी आए दिन जल भराव की स्थिति होने लगती है। मुक्तिधाम जाने के लिए पुल पार करना होता है, जो बारिशों में अक्सर उफान पर होता है। इसको लेकर ग्रामीण कर बार जनप्रतिनिधियों से शिकायत कर चुके है, पक्की, नाला और पुलिया बनाने की मांग कर चुके है, लेकिन आज तक सिर्फ आश्वासन के अलावा कुछ नही मिला। 

इन दोनों घटनाओं को लेकर नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने ट्वीटर के माध्यम से सरकार पर तीखे वार किए है। उन्होंने लिखा है कि आरोप नहीं प्रमाण है ये। मध्यप्रदेश को बीमारू राज्य से विकसित होने के दावे का सच है ये। शिवपुरी के लुकवासा के अजा वर्ग के भाजपा नेता की शवयात्रा उफनते नाले के बीच से कीचड़ से मुक्तिधाम पंहुची ,उससे भी ज्यादा शर्मनाक यह है कि लुकवासा में दलित समाज के लिए अलग मुक्तिधाम है।


वही उन्होंने दूसरे ट्वीटर में लिखा है कि दूसरा सच यह है कि शाजापुर के ग्राम समाजखेड़ा में 75 वर्ष के आनन्दीलाल की तबियत खराब हो गई ,उन्हें खटिया पर लिटाकर अस्पताल पंहुचाया गया। यहाँ सड़क नहीं है । बारिश में गाँव के चारों तरफ जल भराव होने से बच्चे स्कूल नहीं जा पाते। मिस्टर डमरू अपना डमरू बजाकर ग्रामवासियों को राहत देंगे ।


  Write a Comment

Required fields are marked *

Loading...