खजुराहो : संघ की उम्मीदों पर खरे उतरे वीडी शर्मा, 3 लाख से अधिक वोटों से दर्ज की जीत

भोपाल।  देश-प्रदेश में काउंटिंग का सिलसिला जारी है। इसी बीच तीसरा परिणाम खुजराहों लोकसभा सीट से सामने आ गया है। यहां से संघ की पंसद बीजेपी प्रत्याशी वीडी शर्मा ने जीत हासिल कर ली है।उन्होंने शाही परिवार से ताल्लुक रखने वाली कविता सिंह को  3 लाख से अधिक वोटों से हराया दिया है। हालांकि अभी आयोग की तरफ से अधिकारिक पुष्ठि होना बाकी है। शर्मा े के लिए जीत हासिल करना किसी चुनौती से कम नही था, क्योंकि टिकट वितरण के बाद से ही उनका विरोध देखने को मिल रहा था। कई स्थानीय नेताओं ने तो उन्हें बाहरी उम्मीदवार करार देकर पद से विरोध में इस्तीफा तक दे दिया था। वही भितघातियों का भी खतरा मंडरा रहा था, लेकिन आखिर दौर में दिग्गज नेताओं ने कमाल संभाली और बंपर वोटिंग हुई और आखिरकार शर्मा संघ की उम्मीदों पर खरे उतरे और जीत हासिल की।

शुरुआती बढते रुझानों के बाद से ही बीडी शर्मा की जीत सुनिश्चित मानी जा रही थी। जब उन्होंने 3 लाख 60 हजार 64 मतों से निर्णायक बढ़त ली थी। बी डी शर्मा को 562843 वोट व कांग्रेस प्रत्याशी कविता सिंह को दो लाख 16779 वोट मिले हैं। इसी के साथ खजुराहों में जश्न का माहौल है, कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं द्वारा मिठाईया बांटी जा रही है, मोदी मोदी के नारे लगाए जा रहे है। जीत की अधिकारिक घोषणा से पहले ही पूरा माहौल मोदीमय हो गया है।कार्यकर्ताओं नेताओं और प्रत्य़ाशी के चेहरे खिल गए है।  लोकसभा चुनाव के पांचवे चरण में 6 मई को खजुराहो लोकसभा सीट लिए 68.12 प्रतिशत मतदान हुआ। यहां मुख्य मुकाबला भाजपा प्रत्याशी विष्णु दत्त शर्मा और कांग्रेस की कविता सिंह के बीच है। 1957 से लेकर 2014 तक इस सीट से पांच बार कांग्रेस के उम्मीदवार चुनाव जीते, जबकि भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवारों ने 7 बार जीत दर्ज की।

इससे पहले 2014 के चुनाव में यहां भाजपा के नागेंद्र सिंह विजयी हुए थे। नागेंद्र सिंह को 4,74,966 वोट मिले थे। दूसरे नंबर कांग्रेस के राजा पटेरिया थे। राजा पटेरिया को 2,27,476 वोट मिले थे। तीसरे नंबर बसपा के राम लखन सिंह थे, जिनको 60,368 वोट मिले थे। लगभग 15 साल से भारतीय जनता पार्टी का इस सीट पर कब्जा है। भारतीय जनता पार्टी ने अपने वर्तमान सांसद का टिकट काट दिया है और इस बार वी.डी. शर्मा को प्रत्याशी बनाया है। इस दौरान खूब विरोध भी देखने को मिला था और उन्हें बाहरी बताते हुए कुछ बीजेपी नेताओं ने इस्तीफे तक दे दिए थे और भितरघात की पूरी संभावना जताई जा रही थी, वहीं कांग्रेस ने भी यह कहकर तंज कसा था कि बाहरी प्रत्याशी यहां इस बार जीत नहीं पाएगा । इस बात की आशंका जताई जा रही थी कि उनकी राह आसान नहीं होगी। लेकिन शुरुआती रुझान तो इससे उलट दिख रहे हैं। वो काफी आगे चल रहे हैं। मोदी फैक्टर और संघ की कोशिशों से वीडी शर्मा बड़ी बढ़त के साथ कांग्रेस प्रत्याशी कविता सिंह से आगे चल रहे है। कविता सिंह छतरपुर से शाही परिवार से ताल्लुक रखती हैं।

वही समाजवादी पार्टी से डाकू ददुआ के बेटे वीर सिंह पटेल मैदान में है। वीर सिंह पटेल चित्रकूट सदर से विधायक रह चुके हैं। वीर सिंह पटेल को मैदान में उतारकर सपा ने कुर्मी वोट को साधने की कोशिश की है। ऐसे में मुकाबला त्रिकोणीय हो चला है बावजूद इसके शर्मा लगातार आगे बढ़ रहे है।बीजेपी में जश्न का माहौल है, मिठाईय़ा बांटी जा रही है, आतिशबाजी हो रही है। लगातार बढ़ती लीड को देख कहा जा सकता है कि शर्मा संघ की उम्मीदों पर खरे उतरने वाले है।

इस सीट के इतिहास पर एक नजर

खजुराहो लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत विधानसभा की 8 सीटें आती हैं, जिसमें चांदला, गुन्नौर, मुरवारा, राजनगर, पन्ना, बहोरीबंद, पवई, विजयराघवगढ़ विधानसभा सीटें शामिल हैं। इनमें से 6 सीटों पर भाजपा का कब्जा है, तो दो सीटों कांग्रेस के पास हैं। खजुराहो लोकसभा सीट के अंतर्गत सबसे अधिक पिछड़े वर्ग के मतदाता हैं, जो चुनावों में अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए जिस किसी भी पार्टी से अगर कोई पिछड़े वर्ग का प्रत्याशी मैदान आता है, तो उसे आसानी से जीत मिल जाती है। खजुराहो लोकसभा सीट पर ब्राह्मण मतदाताओं की संख्या लगभग 3.5 लाख है।

 



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