फीडबैक में 15 सीटों पर सांसदों का विरोध, शाह को भेजी रिपोर्ट, शिवराज दिल्ली रवाना

भोपाल।

लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी में टिकटों को लेकर जमकर घमासान मचा हुआ है। शुक्रवार को राजधानी भोपाल में हुई प्रदेश चुनाव समिति की बैठक में जमकर खींचतान हुई। कई सीटों पर जिलाध्यक्षों और स्थानीय नेताओं सांसदों के खिलाफ दिखे। करीब 15 सीटों पर नेता वापस सासंद दोहराने के मूड में नही दिखे।बैठक में केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान, गणेश सिंह समेत कई बड़े नेता का विरोध रहा।पार्टी ने इस पर रिपोर्ट तैयार कर ली है जो आज केंद्रीय नेतृत्व में होने वाले चुनाव समिति की बैठक के समक्ष रखी जाएगी। बैठक में शामिल होने पूर्व शिवराज, भाजपा वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय, प्रभात झा आदि बड़े नेता दिल्ली पहुंचेंगें। खबर है कि बैठक में नाम फायनल होने पर एक दो दिन में बीजेपी एमपी समेत देश भर में करीब 150 प्रत्याशियों की लिस्ट जारी की जा सकती है।

दरअसल, बैठक शुक्रवार को राजधानी भोपाल में चुनाव समिति की अहम बैठक हुई। बैठक में 29 सीटों पर मंथन किया गया।29 लोकसभा सीटों को 5 ग्रुप में बांटकर फीडबैक लिया गया। हर ग्रुप की जिम्मेदारी एक बड़े नेता को दी गई, जिसमें राकेश सिंह, शिवराज सिंह,नरेंद्र तोमर, गोपाल भार्गव, सुहास भगत, प्रभात झा और कैलाश विजयवर्गीय शामिल रहे। इन्होंने अलग अलग ग्रुप बनाकर स्थानीय नेताओं, जिलाध्यक्षों, पदाधिकारियों और अन्य नेताओं से फीडबैक लिया। करीब 15 सीटों पर  निगेटिव फीडबैक मिला है, स्थानीय नेता सांसदों के खिलाफ दिखे।जिसमें केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र कुमार, आलोक संजर, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान, गणेश सिंह समेत कई बड़े नेता को लेकर स्थानीय नेताओं ने अपनी बात खुलकर ऱखी।

अब इस रायशुमारी बैठक में मिले फीडबैक की रिपोर्ट अमित शाह को दी जाएगी। आज दिल्ली में  पीएम नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की अध्यक्षता में केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक बुलाई गई है।बैठक में इस तमाम बातों को रखा जाएगा और फिर केंद्रीय चुनाव समिति इस पर अंतिम फैसला लेगी।बैठक में लोकसभा वार एक-एक सीट को लेकर रणनीति बनायी जाएगी। उम्मीद की जा रही है कि एक दो दिन मे लिस्ट जारी की जा सकती है, ताकी हर प्रत्याशी को प्रचार के लिए कम से कम एक महीने का समय मिले।

माना जा रहा है कि होली से पहले भाजपा लोकसभा चुनाव के लिए अपने प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर देगी। सूत्रों के मुताबिक 16 मार्च को उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल की कई लोकसभा सीटों के लिए भाजपा उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी जाएगी। उम्मीदवारों को लेकर पार्टी के अंदर कई स्तरों पर चर्चाओं का दौर जारी है।


भोपाल लोकसभा सीट पर कई दावेदार

बैठक में भोपाल को लेकर भी चर्चा हुई। आलोक संजर का कई नेताओं द्वारा विरोध किया गया। जिसके चलते पार्टी द्वारा यहां से प्रत्याशी को बदलने की कवायद तेज है। हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर और पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता पहले ही यहां से दावेदारी ठोक चुके हैं। महापौर आलोक शर्मा और प्रदेश महामंत्री वीडी शर्मा भी जोर लगा रहे हैं। शुक्रवार को पूर्व विधायक रमेश शर्मा, ध्रुवनारायण सिंह, शैलेंद्र प्रधान और जितेंद्र डागा ने भी चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर दी। भोपाल के नेता आरएसएस के समिधा कार्यालय से लेकर राजनाथ सिंह, एम वैंकेया नायडू और राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल तक बात रख चुके हैं।खैर तमाम फीडबैक पार्टी के पास पहुंच चुका है। जल्द ही इस पर फैसला किया जाएगा।


इन सीटों पर नए चेहरे की तलाश में पार्टी

विदिशा, बैतूल, खजुराहो और देवास में नया उम्मीदवार उतारना तय है। क्योंकि विदिशा सांसद सुषमा स्वराज चुनाव लडऩे से इंकार करा चुकी है। बैतूल सांसद का जाति प्रमाण पत्र अमान्य हो चुका है। देवास और खजुराहो सांसद विधायक  बन चुके हैं। 


इन सीटों पर बदले जा सकते है प्रत्याशी

इंदौर सांसद सुमित्रा महाजन का इस बार टिकट काटा जा सकता है। उन्हें केंद्र में सरकार आने पर राज्यपाल बनाने का भरोसा देकर मनाने की तैयारी है। वहीं मुरैना से नरेन्द्र सिंह तोमर चुनाव लड़ सकते हैं। इसके अलावा सागर, बालाघाट, सतना, शहडोल, उज्जैन,  राजगढ़, मंदसौर, धार, सीधी, भिंड सांसदों के टिकट काटे जा सकते हैं। 

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