Breaking News
अधिकारी की कलेक्टर को नसीहत, 'आपकी कार्यशैली पर लज्जा आती है, तबादला करा लें' | दागियों का कटेगा टिकट, साफ-सुथरी छवि के नेताओं को चुनाव में उतारेगी भाजपा | फ्लॉप रहा कांग्रेस का 'घर वापसी' अभियान, सिर्फ कार्यकर्ता लौटे, नेताओं ने बनाई दूरी | शिवराज कैबिनेट की बैठक ख़त्म, इन प्रस्तावों पर लगी मुहर | सीएम चेहरे को लेकर सोशल मीडिया पर जंग, दिग्विजय भड़के | मुख्यमंत्री के काफिले पर पथराव, महिदपुर- नागदा के बीच की घटना, पुलिस वाहन के कांच फूटे | अब भोपाल में राहुल ने फिर मारी आंख, वीडियो वायरल | एमपी की 148 सीटों पर खतरा, बिगड़ सकता है बीजेपी का चुनावी गणित | LIVE: ऊपर से टपकने वाले को नहीं मिलेगा टिकट : राहुल गांधी | राहुल की सभा में उठी सिंधिया को सीएम कैंडिडेट घोषित करने की मांग |

भोपाल की चैताली बेल्जियम में बजाएगी मियां मल्हार, 40 देशों के म्यूजीशियंस एक साथ करेंगें लाइव कन्सर्ट

भोपाल।

दस साल की उम्र से वॉयलिन बजा रही शहर की चैतानी शेवलीकर एथनो फ्लैंडर्स इंटरनेशनल म्यूजिकल एक्सचेंज प्रोग्राम में देश को रिप्रेजेंट करेंगी।दरअसल, प्रतिभागियों को एथनो जर्मनी समर कैंप 2018 के लिए अपनी रिकॉर्डिंग्स भेजनी थीं। देशभर से करीब 7000 एंट्रीज पहुंचीं। भारत से दो लोगों का सिलेक्शन हुआ, जिसमें चैताली का नाम भी शामिल था।

29 जुलाई से 10 अगस्त के बीच होने वाले इस इवेंट में उनके साथ गैंगटोक के पीयूष नेपाल होंगे ।फेस्टिवल में 40 देशों के म्यूजीशियंस एक साथ लाइव कन्सर्ट पेश करेंगे।   चैताली युवा वाॅयलिन वादक हैं और इस इवेंट में भारतीय शास्त्रीय संगीत के तहत वॉयलिन पर मियां मल्हार राग पेश करेंगी। पीयूष गिटार और वोकल्स पर परफॉर्मेंस देंगे।

23 साल की चैताली बताती है कि उन्होंने अपने दादाजी पं. वसंतराव शेवलीकर से वॉयलिन बजाना सीखा है। उनके पिता भी वॉयलिन वादक है। वे अपने परिवार की पंरपरा को आगे बढ़ा रही है। चैतानी भोपाल में भी कई कार्यक्रम कर चुकी है। साथ ही वह आकाशवाणी की ग्रेड आर्टिस्ट भी हैं।चैताली कहती है कि तीन पीढ़ियों के एक साथ वादन की यह सभा मेरे लिए आज भी यादगार है। चैताली ने आज से 3 साल पहले एक समारोह में वॉयलिन बजाया था।उनके साथ उनके पिता और दादाजी भी साथ थे। ये पल उनके लिए काफी यादगार रहा। आज भी जब वे इस पल को याद करती है तो गर्व से भर उठती है। चैतानी की माता जी भी कई तरह के हुनर रखती है। वही चैताली की छोटी बहन भी संगीत में अपना ध्यान लगाए हुए है। 

चैताली आज की उन लड़कियों के लिए मिसाल बनी हुई है जो संगीत में अपना कैरियर बनाना चाहती है। साथ ही उन लोगों के लिए भी जो ये समझते है तो बेटे ही परिवार की परंपरा को आगे बढ़ा सकते है। चैताली ने आज उन तमाम रुढीवादिताओं को तोड़कर एक नई परिभाषा को जन्म दिया है। चैताली की इस पहल ने ना सिर्फ प्रदेश का बल्कि देश का भी  नाम बढ़ाया है।




  Write a Comment

Required fields are marked *

Loading...