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अब सिंगल पेरेंट के गोद लिए बच्चे को भी होगा अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार : हाईकोर्ट

उज्जैन/ग्वालियर।

मध्यप्रदेश की ग्वालियर हाईकोर्ट ने सिंगल पेरेंट के हक मे एक फैसला सुनाया है। जिसके अनुसार अब सिंगल पेरेंट के बच्चे को भी अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार होगा। यह फैसला  जस्टिस सतीशचंद्र शर्मा की खंडपीठ ने सोमवार को सुनाया है। 

दरअसल, सालों पहले उज्जैन नगर निगम कर्मचारी किशोर श्रीवास्तव ने शादी नही की थी, लेकिन वे सिंगल पेरेंट बने थे। सालों पहले उन्हें कानूनी तरीके से एक बच्चा गोद लिया था। किशोर ने बच्चे का नाम अशोक रखा था। पिछले साल किशोर की अचानक मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद बेटे अशोक ने निगम में अनुकंपा नियुक्ति के  अपील की थी और उन्होंने इसके लिए सिंगल पेरेंट के सर्टिफिकेट भी निगम में पेश किए थे।लेकिन इन सब के बावजूद निगम ने उसका आवेदन यह कहकर ठुकरा दिया था कि उसे किसी दंपत्ति ने नही बल्कि एक सिंगल पेरेंट ने गोद लिया है।निगम में सुनवाई ना होने पर अशोक ने ग्वालियर कोर्ट में अर्जी लगाकर न्याय की गुहार लगाई थी। अशोक की तरफ से अधिवक्ता आनंद अग्रवाल ने पैरवी की थी।जिस पर आज सुनवाई हुई और फैसला अशोक के हक में आया ।

कोर्ट की सुनवाई जस्टिस सतीशचंद्र शर्मा की खंडपीठ ने की और अपने फैसला में कहा कि सिंगल पेरेंट (कुंवारा) बनकर भी कोई व्यक्ति बच्चा गोद लेता है तो उस संतान को अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार होगा।

बता दे कि पहले ऐसा नियम था कि केवल दंपती द्वारा बच्चा गोद लिए जाने पर उसे अनुकंपा नियुक्ति का अधिकार होगा।लेकिन आज कोर्ट द्वारा सुनाई गए फैसला में सिंगल पेरेंट के बच्चे को भी यह अधिकार मिल गया है।

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