पीएमटी फर्जीवाड़ा : एसआईटी ने बनाया था आरोपी, सीबीआई ने दी क्लीनचिट

ग्वालियर।

पीएमटी फर्जीवाड़े की जांच कर रही सीबीआई ने बुधवार को एक चालान पेश किया है। सीबीआई ने 17  लोगों को आरोपी बनाया है। हालांकि सीबीआई ने अपनी चार्ज शीट में 11 आरोपियों को दोषी ठहराया हैं और 6 आरोपियों के खिलाफ साक्ष्यों का अभाव बताकर उन्हें क्लीन चिट दे दी है। जबकि एसआईटी ने 17 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। यह चालान सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक सौरव वर्मा और जांच अधिकारी राकेश श्रीवास्तव ने पेश किया।कोर्ट ने एक जून को आरोप तर्क की बहस की तारीख निर्धारित कर दी है। सीबीआई ने छात्र, सॉल्वर, मिडिल मेनों के खिलाफ चालान पेश किया है।

पीएमटी कांड की जांच के लिए मप्र सरकार ने एसआईटी गठित की थी।व्यापमं कांड का खुलासा होने पर एसआईटी ने वर्ष 2010 में हुए पीएमटी फर्जीवाड़े में एक एफआईआर दर्ज की थी।   शुरुआती जांच के बाद चार के खिलाफ केस दर्ज किया गया था वहीं बाद में 13 और के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया। इस मामले में एसआईटी ने मामले की जांच कर चालान भी पेश किया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जांच सीबीआई सौंप दी गई।जिसके बाद से सीबीआई मामले की जांच कर रही है।

इन आरोपियों के खिलाफ पेश किया चालान

 सीबीआई ने जितेन्द्र तिजोरिया, बादाम सिंह, धर्मेन्द्र शाक्य, राजवीर जाटव, विनोद शाक्य, हरीश शाक्य, सोवरन सोलंकी, रमेश सोलंकी, साविर अली, कुलेन्द्र यादव, प्रभात चौधरी के खिलाफ चालान पेश किया । इनके खिलाफ धारा 419, 420, 467, 468, 471, परीक्षा अधिनियम के केस दर्ज हैं।

इन छह को दी क्लीनचिट

वही सीबीआई ने धुआं राम गुर्जर, कैलाश, शोभाराम, अरुण कुमार गौर, राकेश उमराव, ज्ञान सिंह को क्लीन चिट दी है। इनके खिलाफ सीबीआई को कोई सबूत नहीं मिला। जबकि एसआईटी ने इन्हें आरोपी बनाया था।


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