शिवराज का सिरदर्द बना बेटे का कारोबार, कांग्रेस ने की आरोपों की बौछार

भोपाल।

चुनावी तैयारियों मे जुटी कांग्रेस ने प्रदेश की भाजपा सरकार को घेरना शुरु कर दिया है। एक के बाद एक आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे है। इसी कड़ी में आज राजधानी भोपाल पहुंचे कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और  मीडिया विभाग के प्रमुख रणदीप सिंह सुरजेवाला ने राज्य की शिवराज सरकार और केन्द्र की मोदी सरकार को जमकर घेरा। इस दौरान सुरजेवाला ने आतंकवादी और उग्रवादियों से की शिवराज सरकार की तुलना की। उन्होंने कहा कि शिवराज सरकार किसानों के साथ दुर्दांत आतंकवादी जैसा व्यवहार कर रही है। सुरजेवाला यही नही रुके उन्होंने शिवराज पुत्र कार्तिकेय को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि  प्रदेश में एक भी किसान ऐसा नहीं, जिसका दूध साठ रूपये लीटर बिकता हो, लेकिन मुख्यमंत्री, शिवराज चौहान के बेटे कार्तिकेय चौहान का सुधामृत दूध अधिकारियों के दबाव में साठ रूपये प्रति लीटर जबरन बिकवाया जाता है। शिवराज पुत्र कार्तिकेय की दूध डेयरी का सुधा अमृत अधिकारियों को दबाव में लेना पड़ता है। बाजार मे 40 रुपये लीटर दूध बिक रहा है और बबुआ का दूध प्रदेश में 60 रु किलो बिक रहा है और फूल भी 60  रुपये किलो बिक रहे है। ये बाते उन्होंने एक प्रेसवार्ता के दौरान कही। इस दौरान मध्यप्रदेश की मीडिया प्रभारी और कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी और शोभा ओझा भी मौजूद रही।

सुरजेवाला ने शिवराज सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि शिवराज हो या मोदी राज केंद्र और मध्यप्रदेश की भाजपा सरकारें किसानों के लिये अभिशाप साबित हुईं। फसलों के दाम मांगने पर शिवराज सरकार किसानों के सीने में गोलियां उतार देती है । मध्यप्रदेश किसान आत्महत्या में देश में नंबर तीन पर है।  इसके लिए शिवराज सरकार जिम्मेदार है। अब मध्यप्रदेश में कांग्रेस को जनादेश देने का जनता मन बना चुकी है। प्रदेश व देश में घोर कृषि संकट है। मध्य प्रदेश  में कोई भी ऐसी योजना नही है जो दलाली की भेंट न चढ़ी हो।प्याज खरीदी के नाम पर प्रदेश में 1100 करोड़ रुपए का घोटाला हुआ है।  शिवराज सरकार में ढाई सौ करोड़ रुपए की दाल घोटाला सामने आया है। हरदा जिले में  दाल में 250 करोड़ का भ्रष्टाचार हुआ। मध्यप्रदेश में कृषि पंपों की सब्सिडी में भी घोटाला हुआ । 50000 करोड़ की सब्सिडी का घोटाला उजागर हुआ है। भावांतर योजना में किसानों का फायदा कब मिलेगा इसका कोई समय निर्धारित नहीं है। कांग्रेस जनता के बीच जाएगी और  तथ्यों- आकड़ों के साथ सरकार के भ्रष्टाचार को उजागर करेगी।

किसान की मौतों के मामले में प्रदेश तीसरे नंबर पर

सुरेजवाला ने कहा कि किसानों से जुड़े हर मुद्दे पर शिवराज सिंह और मोदी सरकारें बुरी तरह किसान विरोधी साबित हुईं। यदि सबकुछ ठीक है, तो मध्यप्रदेश में 2013 से अब तक हर साल किसानों की आत्महत्या के मामले 21 फीसदी की दर से कैसे बढ़ गए। यह आंकड़े हमारे नहीं हैं, बल्कि लोकसभा में केंद्रीय मंत्री, पुरुषोत्तम रूपाला ने 20 मार्च, 2018 को सदन के पटल पर रखे। मध्यप्रदेश किसानों की आत्महत्या के मामले में पूरे देश में तीसरे स्थान पर है। यह शिवराज चौहान के दावों की केवल एक बानगी है। प्याज खरीदी के नाम पर 1100 करोड़ रूपये का घोटाला हुआ। पहले तो किसानों से खरीद कर गोदामों में रखना बताया, फिर उस प्याज को सढ़ा हुआ बताकर सारा पैसा डकार गये। इतना ही नहीं, एक ऐसा उदाहरण भी सामने आया कि 62 करोड़ की प्याज खरीदी पर 44 करोड़ रूपये हम्माली और परिवहन पर खर्च बता दिया गया। 

शिवराज सरकार ने 250 करोड़ के भ्रष्टाचार की दाल गलाई

इसी प्रकार प्याज के बाद 250 करोड़ रूपये का दाल घोटाला सामने आता है। हद तो यह होती है कि हरदा जिले में 3.58 लाख टन मूंग दाल की खरीदी बतायी जाती है, जबकि सरकारी दस्तावेजों से पता लगता है कि इतनी बड़ी मात्रा में दाल वहां पैदा ही नहीं होती? 550 रूपये के समर्थन मूल्य पर दाल खरीदी जाती है। किसान सड़कों पर आंदोलन कर रहे होते हैं और किसानों के नाम पर बिचौलिये और जमाखोर अपनी दाल बेंच देते हैं। इतना ही नहीं नरसिंहपुर, हरदा जैसे मध्यप्रदेश में कई जिले हैं, जहां यह घोटाला किया गया है। 

किसानों के खाने से भर लिया भाजपा ने भ्रष्टाचारी पेट 

मध्यप्रदेश की छोटी-बड़ी मिलाकर करीब 500 मंडियों में किसानों का भोजन भी भ्रष्टाचारी भाजपा सरकार खा गई। किसानों को नाम मात्र शुल्क पर मंडियों में भोजन उपलब्ध कराने की योजना शिवराज सरकार लेकर तो आई, मगर उसका असली उद्देश्य अन्नदाता को भोजन परोसना नहीं, उनके भोजन के अधिकार का डांका डालना था। किसानों के भोजन के लिये बाकायदा कूपन मुद्रित कराकर किसानों को दिये जाने का प्रावधान है। मगर वह कूपन किसानों को देनेे की अपेक्षा भ्रष्टाचारी भाजपा सरकार अपनी जेब में रखती है और किसानों का हक खा जाती है। 

मोदी पर भी बोला हमला

वही उन्होंने  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि देश मे दो लोगो के के बीच मे कॉम्पिटिशन चल रहा है। कौन सबसे बड़ा और ज्यादा झूठ बोलेगा। एक हैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और दूसरे हैं मुख्यमन्त्री शिवराज सिंह चौहान।  केंद्र की मोदी सरकार किसान और मजदूरों के लिए अभिशाप साबित हुई है  सरकार की कोई ऐसी योजना नही जो भ्रष्टाचार की भेंट न चढ़ी हो।  अब हार की कगार पर मोदी सरकार खडी है। मोदी ने स्वामी नाथन कमेटी को बनाया जुमला नाथन कमेटी।

कविता से सरकार पर किए तीखे वार

 ‘किसान फांसी के फंदे पर रहे झूल, भाजपाई खेतों में उग रहे करोड़ों के अनार और फूल’ 

वादा था ‘लागत + 50 प्रतिशत’ समर्थन मूल्य का देंगे मौका, अब कर रहे अन्नदाता से धोखा

‘किसानों को उतारा मौत के घाट, पर ‘मामा’ का दूध बिकता है रू. साठ’

झूठ की बुवाई - जुमलों का खाद, वोटों की फसलें - वादे नहीं याद, झांसों का खेल - शिवराज-मोदी दोनों फेल 


शिवराज-मोदी सरकारों से मध्यप्रदेश के अन्नदाता के 7 सवाल:-

1. हम सरकार से पूछते हैं कि लागत+50 प्रतिशत का वादा ‘जुमला’ क्यों बन गया?

2. क्या कारण है कि मध्यप्रदेश में 2013 से अब तक किसानों की आत्महत्या के मामले हर साल 21 प्रतिशत की दर से बढ़ रहे हैं? अन्नदाता को आत्महत्या के लिए मजबूर करने में मध्यप्रदेश देश में तीसरे पायदान पर क्यों?

3. हम सरकार से पूछते हैं कि मोदी जी के सत्ता में आते शिवराज सरकार ने किसानों का 150 रूपये प्रति क्विंटल का बोनस क्यों बंद किया?

4. हम सरकार से पूछते हैं कि प्रदेश के बासमती चावल को मान्यता दिलाने के आपके दावे का क्या हुआ, जबकि मध्यप्रदेश और देश, दोनों में भाजपाई सरकारें हैं ? 

5. मंदसौर में 6 जून 2017 को शिवराज सरकार की सरपरस्ती में छह किसानों को मौत के घाट उतार दिया, उनके हत्यारे कहाँ हैं ? उनके खिलाफ क्या कार्यवाही हुई?

6. क्या आपकी सरकार ने वर्ष 2012 में रायसेन में किसानों पर ए.के.-47 से गोलियां नहीं चलवायीं और किसानों को मौत के घाट नहीं उतारा?

7. प्याज उत्पादक किसान हो या दाल उत्पादक किसान या फिर गेहूँ-धान उगाने वाला किसान, वो भाजपाई भ्रष्टाचार से ग्रस्त क्यों?