शिवराज बोले- किसानों की आय दोगुनी करने में मनरेगा की महत्वपूर्ण भूमिका

भोपाल/नई दिल्ली।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी स्वीकार किया है कि मनरेगा ने किसानों की आय दुगुनी करने में महत्वपूर्ण भूमिका है।कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने तथा किसानों की आय को दोगुना करने में मनरेगा की भूमिका पर विस्तार से विचार-विमर्श के लिये विभिन्न राज्यों में कार्यशालाएँ आयोजित की जायेंगी। कार्यशालाओं में किसान संगठनों और आम जनता से भी राय ली जायेगी। आयोग की पहली कार्यशाला आगामी 6 अगस्त को भोपाल में होगी। लखनऊ, पटना, गुवाहाटी और हैदराबाद में भी कार्यशालाएँ आयोजित की जायेंगी।

बता दे कि मुख्यमंत्री शिवराज नीति आयोग की राष्ट्रीय कृषि एवं मनरेगा समिति के अध्यक्ष भी है। समिति की अगली बैठक 31 अगस्त को दिल्ली में होगी, जिसमें समिति के निर्णयों का प्रारूप तैयार किया जायेगा। प्रारूप के आधार पर ही समिति नीति आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

दरअसल, गुरुवार को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में नई दिल्ली में समिति की पहली बैठक आयोजित की गई।जिसमें बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी सहित नीति आयोग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  अमिताभ कांत और नीति आयोग तथा राज्यों के अधिकारी मौजूद थे। समिति के अध्यक्ष  चौहान ने बिहार और गुजरात राज्य के मुख्यमंत्रियों से वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से विभिन्न विषयों पर चर्चा की। उन्होंने कहा है कि किसानों की आय को दोगुना करने में मनरेगा की महत्वपूर्ण भूमिका है।  कृषि में लागत कम करने और उत्पादन बढ़ाने तथा अपरिहार्य परिस्थिति में फसलों के नुकसान की भरपाई जैसे संवेदनशील मुद्दों पर विचार किया जाना आवश्यक है।  इस दौरान पश्चिम बंगाल और आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्रियों ने समिति को पत्र के माध्यम से सुझाव प्रेषित किये।

 गौरतलब है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय स्तर पर कृषि में मनरेगा की भूमिका पर समन्वित नीतिगत दृष्टिकोण और अनुशंसाएँ प्राप्त करने के लिये इस समिति का गठन किया है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री  चौहान को समिति का अध्यक्ष मनोनीत किया गया है। समिति में सात अन्य प्रदेशों के मुख्यमंत्री और संबंधित विभाग प्रमुख शामिल हैं।