सबरीमाला मंदिर खुलने से पहले हिंसा, हिरासत में 50 प्रदर्शनकारी, मीडिया पर हमला, लाठीचार्ज

तिरूवनंतपुरम।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आज शाम केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर के कपाट खुलने वाले है। मंदिर के द्वार खुलने से पहले केरल में तनाव की स्थिति है । सुबह से ही मंदिर के पास काफी बड़ी संख्या में भीड़ एकत्रित है। बड़ी संख्या में महिलाएं मंदिर में प्रवेश के लिए जा रही हैं, तो वहीं हजारों की संख्या में श्रद्धालु उन्हें रोकने की कोशिश में लगे हुए हैं। 

सुबह से यहां चल रहा प्रदर्शन अब धीरे-धीरे हिंसक रूप लेता जा रहा है।  जैसे-जैसे मंदिर के कपाट खुलने का समय नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे तनाव भी बढ़ता जा रहा है।हालात बेकाबू हो चले है, उग्र प्रदर्शनकारी हिंसा पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारियों ने मीडिया के वाहनों को भी निशाना बनाया है। प्रदर्शनकारी मीडिया की गाड़ी पर हमला कर रहे हैं। महिला पत्रकारों को भी डराया-धमकाया जा रहा। 

     वहीं, बड़ी संख्या में पुलिस की तैनाती के बावजूद दर्शन के लिए जा रहीं महिलाओं को लौटाए जाने की खबरें हैं। पुलिस ने निलक्कल और पम्बा में विरोध कर रहे त्रावणकोर देवासम बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष सहित 50 लोगों को हिरासत में लिया है। मंदिर से जुड़े लोग और स्वामी अयप्पा के अनुयायी इस फैसले को उनकी आस्था के खिलाफ बता रहे हैं।भगवान अयप्पा मंदिर से 20 किमी पहले बेस कैंप नीलाक्कल में गाड़ियों को रोका जा रहा है। पारंपरिक साड़ी पहने महिलाओं के समूह हर गाड़ी की तलाशी ले रहे हैं। गाड़ियों से 10 से 50 वर्ष की महिलाओं को बाहर निकाला जा रहा है। निजी वाहनों के साथ ही राज्य परिवहन की बसों को भी आगे नहीं जाने दिया जा रहा है।

महिलाओं के प्रवेश पर लगा प्रतिबंध हटने के बाद सबरीमाला मंदिर बुधवार को पहली बार मासिक पूजा के लिए खोला जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने 12वीं सदी के भगवान अयप्पा के मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर लगा प्रतिबंध हटा दिया था। केरल सरकार ने कहा है कि हम कोर्ट के आदेश को लागू करेंगे। लेकिन, पूरे राज्य में अदालत के फैसले का विरोध किया जा रहा है। हंगामे और सामूहिक आत्महत्या की धमकी भी दी गई है। फैसले का विरोध करने वालों में महिलाएं भी शामिल हैं। 



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