यूपी मीडिया प्रभारी अवस्थी ने एमपी भाजपा मीडिया विभाग पर पोती कालिख

भोपाल।

एक चैनल को दिए गए इंटरव्यू मैं उत्तर प्रदेश के मीडिया प्रभारी आलोक अवस्थी ने साफ-साफ कहा कि मध्य प्रदेश के मीडिया प्रभारी और प्रवक्ताओं को उत्तर प्रदेश के मीडिया प्रभारी और प्रवक्ताओं से बहुत कुछ सीखने की जरूरत है।यह कह कर उन्होंने मध्य प्रदेश भाजपा के मीडिया विभाग की पोल खोलते हुए साफ-साफ असफल सिद्ध कर दिया।

मध्य प्रदेश भाजपा के इतिहास में पहली बार विधानसभा चुनाव मैं किसी अन्य प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व द्वारा प्रदेश के प्रत्येक संभाग पर कमान संभाली जा रही है साथ ही साथ पहली बार भाजपा के प्रदेश कार्यालय से मीडिया किसी होटल में स्थानांतरित हो रहा है।

भाजपा के मीडिया प्रभारी और 3 सह मीडिया प्रभारी का यह असफल कार्यकाल होगा तथा अभी तक के भाजपा के इतिहास में सबसे कमजोर मीडिया विशेषज्ञों का दल माना जाएगा।

विदित है कि प्रवक्ताओं में प्रदेश के 2 सांसद आलोक संजर चिंतामन मालवीय और एक विधायक नागर सिंह चौहान है।तीनों जन नेता बतौर प्रवक्ता असफल माने जाएंगे। तवज्जो ना मिलने पर मुख्य प्रवक्ता चुनावी मौसम में जोधपुर में घूमते हुए पाए गए और एक अन्य  अपने ऊपर पांच दायित्वों के बोझ में अपने मुख्य दायित्व प्रवक्ता के साथ न्याय नहीं कर पा रहे हैं। बाकी प्रवक्ता भी टिकिट के चक्कर मे दिल्ली में जमे है या अपने विधानसभा क्षेत्र में।प्रवक्ताओं का कार्यकाल भी असफलताओं के लिए याद रखा जाएगा।

प्रदेश के मीडिया प्रभारी को प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह की चापलूसी से फुर्सत नहीं ताकि वह भितरवार से भाजपा से टिकिट ले ले। दूसरे सह मीडिया प्रभारी भी  दल के लिए काम ना करते हुए नेताबल के लिए काम करते हुए पाए गए हैं। संगठन को ध्यान देने योग्य बात यह भी है कि जो मीडिया प्रभारी-प्रवक्ता चुनाव लड़ना चाहते है उन्हें दायित्व से मुक्त कर दे।

देखना होगा आने वाले चुनावी समर में मीडिया की असफलता परिणाम को कितना प्रभावित करती है या समय रहते भाजपा आलाकमान मीडिया विभाग में क्या सख्ती करती है।

(लेखक- हरीश दिवेकर, स्टेट ब्यूरो चीफ ,पत्रिका)