चुनाव से पहले इन नेताओं ने छोड़ी पार्टी, भाजपा-कांग्रेस में उथल पुथल

भोपाल| चुनाव से पहले नेताओं के दल बदलने का दौर जोरो पर जारी है| टिकट वितरण के बाद से ही पूर्व मंत्री, विधायक, पूर्व विधायकों सहित कई बड़े नेताओं ने पार्टी छोड़कर अन्य दल का दामन थाम लिया है और कुछ निर्दलीय ही अपनी ही पार्टी के खिलाफ चुनाव मैदान में ताल ठोक रहे हैं| शुक्रवार का दिन भी भारी उथल पुथल भरा रहा| एक तरफ जहां देश के दिग्गज नेताओं ने प्रदेश में सभाएं की वहीं कई नेताओं ने भाजपा छोड़ दी कुछ ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया| 


जबलपुर 

पश्चिम विधानसभा में कांग्रेस को बड़ा झटका उस समय लगा जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राममूर्ति मिश्रा सीएम की जनसभा में पहुंचे और भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राममूर्ति मिश्रा को माला पहनाकर उनका स्वागत किया और फिर मंच से उनकी तारीफ की। सीएम ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि राममूर्ति कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं और सभी उनका बहुत आदर करते हैं, उनके भाजपा में शामिल होने से पार्टी को ताकत मिलेगी।

रायसेन 

चुनाव से पहले शिवराज कैबिनेट के मंत्री सुरेंद्र पटवा को बड़ा झटका लगा| भाजपा की वरिष्ठ नेत्री और मंडीदीप नगरपालिका की पूर्व अध्यक्ष पूर्णिमा राजा जैन कांग्रेस में शामिल हो गई| पूर्णिमा राजा जैन ने समर्थकों के साथ कांग्रेस के महासचिव प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी, मीडिया प्रभारी शोभा ओझा, संग़ठन प्रभारी चंद्रप्रभाष शेखर, राजीव सिंह की उपस्थिति में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। आय से अधिक संपत्ति मामले में जैन के घर पर लोकायुक्त का छापा पद चुका है| 5 करोड से ज्यादा की अघोषित संपत्ति का तब खुलासा हुआ था वहीं पार्षदों ने भी पूर्णिमा पर पैसे मांगने का आरोप लगाया था| पचौरी भोजपुर से पटवा के सामने कांग्रेस के प्रत्याशी हैं और क्षेत्र में उनकी राजनीती की तूती बोलती है|  पूर्णिमा जैन को कांग्रेस में शामिल कराने में उनकी बड़ी भूमिका रही| 


गुना 

गुना जिले में भाजपा को बड़ा झटका लगा है| बीजेपी के सर्व शिक्षा अभियान की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य बल्लू काला पहाड़ कांग्रेस में शामिल हो गए| बल्लू काला पहाड़ ने चाचौड़ा विधानसभा में बीजेपी की तरफ से टिकट को लेकर दावेदारी पेश की थी, लेकिन टिकट न मिलने से नाराज रहे थे बल्लू काला पहाड़ कुछ दिनों तक खामोश रहे लेकिन अचानक बीनागंज के कुसुमपुरा में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह कांग्रेस प्रत्याशी लक्ष्मण सिंह और अन्य कार्यकर्ताओं के बीच कांग्रेस में शामिल हो गए और जिस पार्टी मैं अभी तक थे उसी पार्टी के खिलाफ बगावत पर उतर आए|


शहडोल 

जिले की जयसिंहनगर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी की विधायक प्रमिला सिंह ने भाजपा छोड़ कांग्रेस का दामन थाम लिया। नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने उन्हें समर्थकों समेत कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करवाई। उन्होंने जिला कांग्रेस कार्यालय में एक सादे समारोह में यह सदस्यता ली। बताया जा रहा है कि सिंह जयसिंहनगर विधानसभा से टिकट मांग रहीं थीं, लेकिन उनकी जगह जैतपुर के भाजपा विधायक जय सिंह मरावी को पार्टी ने मैदान में उतार दिया, जिसके चलते वे नाराज चल रहीं थीं। पार्टी से बगावत करने के बजाए उन्होंने किनारा करना ही बेहतर समझा। अब वह कांग्रेस प्रत्याशी के लिए प्रचार करेंगी। 


किसान नेता हरेंद्र प्रताप कांग्रेस में शामिल 

पटवा सरकार में संसदीय सचिव रहे सुरेंद्र प्रताप सिंह के भाई और किसान नेता हरेंद्र प्रताप सिंह भी कांग्रेस में शामिल हो गए है। भोपाल में कमलनाथ की मौजूदगी में उन्होंने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की है। हरेन्द्र के कांग्रेस में जाने से भाजपा को नुकसान हो सकता है, चुंकी हरेन्द्र की छवि एक किसान नेता के रुप में भी है। हरेंद्र प्रताप सिंह ने पार्टी छोड़ने के बाद भाजपा पर वंशवाद का आरोप लगाया है। हरेन्द्र ने कहा है कि बीजेपी में परिवारवाद बढ़ रहा है, पैसे लेकर टिकट बेचे जा रहे है, इसलिए मैंने बीजेपी को छोड़ने का फैसला किया। वही हरेन्द्र के कांग्रेस में शामिल होने पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भाजपा पर हमला बोला है।दिग्विजय ने कहा है कि ये तो बस शूरूआत है अभी औऱ लोग बीजेपी को छोड़ेगे। उन्होंने दावा है कि 19 नवंबर तक कई बड़े नाम कांग्रेस में शामिल होंगे ।  बीते दिनों खरगापुर सीट से भाजपा नेता  सुरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ बेबी राजा ने पार्टी से टिकट की मांग की थी, लेकिन पार्टी ने उन्हें टिकट नही दिया, जिसे आहत होकर उन्होंने सपा से नामांकन भर दिया था।हालांकि पार्टी नेताओं की समझाइश के बाद अपना नाम वापस ले लिया था।  

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