ब्लैकमेलिंग से तंग आकर भय्यू महाराज ने की थी खुदकुशी, सेवादारों ने नशे में लिखवाया था सुसाइड नोट

इंदौर।

मध्यप्रेदश के बहुचर्चित भय्यू महाराज खुदकुशी मामले में पुलिस ने कोर्ट में  366 पेज का चालान पेश कर दिया है। सीएसपी सुरेंद्र सिंह तोमर द्वारा पेश किए गए चालान में बताया गया है कि भय्यू महाराज ने सेवादार विनायक दुधाले, शरद देशमुख और पलक पुराणिक की ब्लैकमेलिंग से तंग आकर खुदकुशी की थी।  साथ कहा गया है कि सेवादारों ने साजिश के तहत डिप्रेशन की दवा के नशे में सुसाइड नोट लिखवाया था।वही चालान में सेवादार विनायक दुधाले, पलक पुराणिक और शरद देशमुख द्वारा किए जाने वाले ब्लैकमेलिंग का भी जिक्र किया गया है। इन तीनों पर आत्महत्या के लिए उकसाने, जबरन वसूली और संपत्ति हथियाने के लिए साजिश रचने का आरोप है।ऐसे में सवाल उठता है कि जब सुसाइड नोट पहले ही लिखवाया जा चुका था तो भय्यूजी महाराज ने आत्महत्या की या उनकी हत्या की गई है। 

बताया जा रहा है कि पलक की महाराज की पहली पत्नी माधवी की मौत के बाद पलक महाराज के घर में  केयर टेकर की तरह रहती थी।लेकिन अकेलेपन का फायदा उठा उसने महाराज से प्रेम संबंध बना लिए।इसके बाद पलक उनके बेडरूम में ही रहने लगी और महाराज की अलमारी और बाकी सामान भी शेयर करने लगी।इस दौरान उसने महाराज का अश्लील वीडियो बना लिया था। व्हाट्सएप पर अश्लील चैटिंग कर सेव कर लेती थी।इसके लिए वह महाराज को बार बार ब्लैकमैल भी करती थी।इस बीच महाराज ने आयुषी से 2017 को शादी कर ली। जैसे ही पलक को भनक लगी, उसने शादी का दबाव बनाया। इनकार करने पर उसने कहा था कि 'तुम्हारे पास एक वर्ष का समय है। इस दौरान उसने महाराज से बहन की शादी व कपड़े, ज्वेलरी, मोबाइल के नाम पर 25 लाख रुपए ऐंठ लिए। पलक का अल्टीमेटम जून में समाप्त हो रहा था। उसने कहा कि 16 जून को शादी करें, वरना शनि महाराज जैसा हाल होगा।

बीमारी के नाम पर गलत दवाएं देते थे विनायक और शरद

एएसपी के मुताबिक, ब्लैकमेलिंग का षड्यंत्र सेवादार विनायक और शरद ने रचा था। दोनों पलक को उकसाते थे। महाराज ने पलक से पीछा छुड़ाने की कोशिश की। वे मोबाइल नंबर बदलकर कमरे में छिप जाते थे। विनायक मौका देखकर पलक को कॉल कर देता था। महाराज से कहता था कि वह दुष्कर्म का केस दर्ज करवाने की धमकी दे रही है। विनायक मुंह बंद करने के नाम पर लाखों रुपए महीने लेकर जाता था। महाराज को कई बीमारियां थीं। विनायक और पलक उन्हें दवा देते थे। विनायक शारीरिक रूप से कमजोर करने की गोलियां खिला देता था।

बेहोशी की हालत में जबरदस्ती लिखवाया गया था सुसाइड नोट 

एसएसपी रुचिवर्धन मिश्र ने दावा किया गया है कि पलक, विनायक और शरद भय्यूजी महाराज को डिप्रेशन होने पर हाईडोज दवाएं देते थे। फिर उनसे अश्लील चैटिंग कर तीनों ने षड्यंत्रपूर्वक महाराज को अपने जाल में फंसा लिया था। इसी के तनाव में वह और डिप्रेशन में चले गए। वही यह भी दावा किया गया है कि भय्यूजी महाराज ने अपना सुसाइड नोट पूरे होश ओ हवास मेें नहीं लिखा था बल्कि सेवादार विनायक और शरद ने दवाओं के नशे में बहुत पहले ही लिखवा लिया था। वो भय्यूजी महाराज को लगातार रेप केस में फंसाने की धमकी दे रहे थे। अब प्रश्न यह खड़ा हो गया है कि जब सुसाइड नोट पहले ही लिखवाया जा चुका था तो भय्यूजी महाराज ने आत्महत्या की या उनकी हत्या की गई है। 

विनायक-पलक वसूलते थे डेढ़ लाख रु. महीना

यही नहीं, दूसरी शादी के बाद भी इनकी प्रताड़ना जारी रही। विनायक और पलक शादी के बाद महाराज से डेढ़ लाख रुपए महीना वसूलते थे। तीनों महाराज से एक करोड़ से ज्यादा की राशि हड़प चुके थे। तीनों ने पूरे आश्रम की संपत्ति को हथियाने के लिए महाराज की तिजाेरी व दान में आने वाली सामग्री का लेखा-जोखा भी कब्जे में कर रखा था। बता दें कि भय्यू महाराज ने 12 जून 2018 को सिल्वर स्प्रिंग स्थित घर में बेटी कुहू के कमरे में जाकर अपनी लाइसेंसी रिवाॅल्वर से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। 

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