मासूम की हत्या का मामला, संदेही पड़ोसी को हिरासत में लिया, ग्रामीणों की पुलिस से झड़प

भोपाल।  राजधानी के कोलार क्षेत्र के बैरागढ चीचली से रविवार शाम को अगवा हुए तीन साल के वरूण की जली हुई लाश उसके घर के पास से ही एक बंद कच्चे घर से मिली है| मकान के पीछे के हिस्से का दरवाजा खोलकर अंदर शव को जलाया गया है। अपहरण की सूचना के बाद से दो दिन से पुलिस की 15 टीमें शहर भर में तलाशी अभियान चला रही थी, लेकिन बच्चे को सुरक्षित घर नहीं ला पाई| घर के पास ही बच्चे का शव मिलने से पुलिस की लापरवाही की पोल खुली है| वहीं बच्चे की हत्या के संदेह में पुलिस ने पडोसी को हिरासत में लिया है| संदेही से पुलिस पूछताछ कर रही है| सूत्रों के मुताबिक पुलिस को अब तक की पड़ताल में कुछ अहम् सुराग प्राप्त हुए हैं, जिसके आधार पर पडोसी को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद पुलिस मामले में जल्द खुलासा कर सकती है| पड़ोसी का नाम मुकेश सोलंकी बताया जा रहा है, इसके अलावा संदेह में एक महिला को भी हिरासत में लिया गया है| 

पुलिस से झड़प, गांव में तनाव

घटना के बाद से ही ग्रामीण में आक्रोश है | संदेही महिला से मारपीट की कोशिश करते हुए ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया, इस दौरान पुलिस से ग्रामीणों की झड़प भी हुई और पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा|  जैसे ही पुलिस इस संदिग्ध महिला को पूछताछ के लिए जाने लगी तो मृतक बच्चे के परिजनों ने उस पर हमला कर दिया। इसके बाद पुलिस ने मौके पर लाठीचार्ज कर दिया। इस दौरान डीआईजी इरशाद वली को हाथ में चोट आई है। वहीं कुछ लोग भी घायल हुए हैं। फिलहाल गांव में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।

डीजीपी-आईजी, डीआईजी समेत भारी पुलिस बल गांव में तैनात 

घटना के बाद प्रदेश के डीजीपी वीके सिंह भी बैरागढ़ के चीचली गांव पहुंचे। इससे पहले आईजी योगेश देशमुख के साथ ही भोपाल डीआईजी इरशाद वली मौके पर पहुंचे हैं और जांच से जुड़ी जानकारी ले रहे हैं। वहीं डॉग स्क्वॉड ने भी मौके पर पहुँच कर छानबीन की है| जिस घर में बच्चे की जली हुई लाश मिली है, उस जगह को कवर कर दिया गया है और जांच की जा रही है|  पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बच्चे के हाथ पाव बंधे हुए थे। किसने हत्या की इसकी जांच की जा रही है। बच्चे को घर में जलाया या जलाकर यहां रखा गया इसकी जांच की जा रही है।

गौरतलब है कि ग्राम बैरागढ़ चिचली में रहने वाला विपिन मीणा प्राइवेट काम करता है। उसका तीन साल का बेटा वरूण रविवार शाम को घर के बाहर खेल रहा था। सात बजे के करीब वह लापता हो गया। उसकी तलाश गांव वालों ने की। वह नहीं मिला तो कोलार थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई है। उसकी तलाश में पुलिस की टीम लगी हुई थी| संदेह के आधार पर कई लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। कई से पूछताछ चल रही है। लेकिन अब तक गुत्थी सुलझ नहीं पाई है|  विपिन मीणा किसान हैं। रविवार शाम करीब साढ़े 7 बजे उनका तीन साल का बेटा वरुण घर के बाहर खेल रहा था। तभी उसके दादा नारायण मीणा घर पहुंचे। वे वन विभाग में नाकेदार हैं। वरुण ने उनसे टॉफी दिलाने की जिद की तो वे 10 रुपए देकर घर में चले गए। काफी समय बीतने के बाद भी जब वरुण नहीं लौटा तो आसपास के लोगों ने परिजनों के साथ मिलकर बच्चे की तलाश शुरू की। नारायण सिंह ने कोलार पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस ने बच्चे के अपहरण का मामला दर्ज कर, शहर की नाकाबंदी कर दी| स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया कि जिस समय वरुण दुकान की ओर गया, तभी जंगल की ओर से एक क्रेटा कार वहां से गुजरी थी। इससे पहले कार सवार युवकों ने क्षेत्रीय लोगों से केरवा वन चौकी का रास्ता पूछा था।  इलाके में एक संदिग्ध कार घूमते हुए नजर आई थी। इलाके के सीसीटीवी में भी इस कार की तस्वीर आई थी। इस बीच आज सुबह प्रदेश के जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा और डीआईजी इरशाद वली बच्चे के परिजनों से मिलने पहुंचे थे। इससे पहले रविवार को विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी बच्चों के परिजनों से मुलाकात की थी| 


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