Breaking News
MP: चुनाव से पहले किसानों को खुश करेगी सरकार, 28 को खाते में आएगा बोनस | एट्रोसिटी एक्ट : सीएम की मंशा पर महिला अधिकारी ने उठाये सवाल, देखिये वीडियो | भाजपा कार्यकर्ता महाकुंभ कल, पोस्टर-कटआउट से नदारद उमा और गौर, मचा बवाल | खुशखबरी : मध्यप्रदेश के युवाओं के लिए सुनहरा मौका, अक्टूबर मे निकलेगी सेना भर्ती रैली | चुनाव से पहले शिवराज कैबिनेट की बैठक में कई बड़े फैसले, इन प्रस्तावों को मिली मंजूरी | शिवराज के बाद अब केंद्रीय मंत्री के बदले स्वर, एट्रोसिटी एक्ट को लेकर दिया ये बयान | पीड़िता का आरोप- एसपी ने मांगा रेप का वीडियो, तब होगी सुनवाई | इंजीनियर पर भड़के मंत्रीजी, सस्पेंड करने की दी धमकी | दो पक्षों में विवाद, पथराव-आगजनी, 2 पुलिसकर्मी समेत 8 घायल, धारा 144 लागू | भाजपा में बगावत शुरु, पदमा शुक्ला के बाद कटनी से दो दर्जन और इस्तीफे |

वर्ग में बंटते नौकरशाह, सपाक्स के बाद अजाक्स की चिट्ठी से हड़कंप

भोपाल। अभी तक वर्ग संघर्ष को लेकर लोग सड़कों पर आंदोलन करते रहे हैं, लेकिन प्रदेश के इतिहास में ऐसा पहली बार देखने को मिल रहा है जब अफसर वर्ग में बंटते नजर आ रहे हैं। हाल ही में अधिकारी-कर्मचारियों से जुड़े संगठनों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं मुख्य सचिव बीपी सिंह को जो शिकायत पत्र भेजे हैं, उसमें अगल-अलग वर्ग से जुड़े अफसरों पर वर्ग विशेष को महत्व देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। सरकार की सबसे पॉवरफुल गैलरी में अफसरों के वर्ग में बंटने को लेकर सरकार भी बेहद परेशान है। 

हाल ही में एक वर्ग से जुड़े कर्मचारी संगठन सपाक्स ने मुख्यमंत्री को दो पेज की शिकायत भेजकर सरकार के आला अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए थे। इस पत्र के बाद सचिवालय में हड़कंप मच गया । क्योंकि ऐसा पहली बार हुआ जब सरकार के आला अधिकारियों पर वर्ग वाद के आरोप लगे हैं। मामला ठंडा भी नहीं हुआ, उससे पहले दूसरे वर्ग के अधिकारी-कर्मचारियों की सबसे बड़े संगठन ने भी मुख्यमंत्री को शिकायत कर अफसरों पर वर्गवाद के आरोप लगाए हैं। दोनों वर्ग के कर्मचारी-अधिकारी संगठनों की ओर से खुलकर सामने अने के बाद मंत्रालय समेत अन्य सरकारी कार्यालय में अधिकारी-कर्मचारियों के बीच खींचतान के हालात बन रहे हैं। यदि यही हालात रहे तो फिर नौकरशाहों की आपसी खींचतान का चुनाव पर विपरीत असर पड़ सकता है। 

उल्लेखनीय है कि अधिकारियों पर वर्गवाद के आरोप लगाने की शुरूआत सपाक्स के संरक्षण पूर्व आईएएस हीरालाल त्रिवेदी ने की थी। त्रिवेदी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर अपर मुख्य सचिव से लेकर कलेक्टर एवं एसपी तक आधा दर्जन से ज्यादा अफसरों पर वर्गवाद के आरोप लगाए थे। 


कर्मचारियों की बीच मनमुटाव की स्थिति

आमतौर पर अधिकारी-कर्मचारियों के बीच वर्गवाद जैसी स्थिति नहीं रही है, लेकिन पदोन्नति में आरक्षण का मामला उठने एवं हाल ही में एससी-एसटी एक्ट के विरोध में लोगों के उतरने के बाद सरकारी तंत्र पर भी इसका असर देखने को मिल रहा है। मंत्रालय  समेत सतपुड़ा, विन्ध्याचल भवन के कार्यालयों में कर्मचारी अपने-अपने वर्ग में बंटते नजर आ रहे हैं। हालांकि अभी तक किसी भी कार्यालय से अधिकारी-कर्मचारियों के बीच वर्गवाद की शिकायत सामने नहीं आई है। 


सरकार की बढ़ी चिंता

प्रदेश में एससी-एसटी एक्ट संशोधन विधेयक के विरोध में वर्ग विशेष के लोग नेताओं को निशाना बना रहे हैं। जिससे सरकार बेहद परेशान है। अभी तक यह मामला ठंडा नहीं हुआ उससे पहले ही उससे पहले ही अफसरों पर आरोप लगना शुरू हो गए हैं। कर्मचारी संगठनों द्वारा एक-दूसरे के खिलाफ खुलकर सड़क पर उतरने के बाद सरकार में मंथन शुरू हो गया है।

  Write a Comment

Required fields are marked *

Loading...