विद्यादान: सरकारी स्कूलों में पढ़ाएंगे 'वॉलेंटियर', बेहतर कल के लिए कलेक्टर की शानदार 'पहल'

भोपाल| संसार में सबसे बड़ा दान विद्या का दान है, इससे सामने वाले के जीवनभर की समस्या हल हो सकती है। देश में होनहारों की कमी नहीं है, लेकिन जरुरत है तो उन्हें अच्छी शिक्षा और सही मार्गदर्शन की| इस मुद्दे पर बनी फिल्म 'सुपर ३०' इन दिनों देश भर में खासा पसंद की जा रही है| यह फिल्म पटना के गणितज्ञ आनंद कुमार के जीवन से प्रेरित है जो आईआईटी प्रवेश की तैयारी के लिए चर्चित 'सुपर 30' कोचिंग के संस्थापक हैं और गरीब और पिछड़े हुए होनहार छात्रों को इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिले के लिए मुफ्त शिक्षा देते हैं| अब कुछ इसी तरह की एक नेक पहल 'विद्यादान' ग्वालियर कलेक्टर अनुराग चौधरी ने शुरू की है| सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी और खराब होती शिक्षा व्यवस्था को रोकने के लिए अब विद्यादान पहल कारगर साबित होगी।

कलेक्टर की इस पहल के तहत जिले के शासकीय स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता मजबूत करने के लिए कलेक्टर, सीईओ समेत सभी विभागीय अधिकारी स्कूलों में जाकर क्लास लेंगे।  विद्यादान योजना का उद्देश्य कक्षा 5 तक के बच्चों की नींव मजबूत करना, कक्षा 6 से कक्षा 9 तक के बच्चों की योग्यता का संवर्धन करना तथा 10वीं से 12वीं के बच्चों को उड़ान योजना के तहत विभिन्न परीक्षाओं (मेडीकल, इंजीनियरिंग) की तैयारियों की बारीकियां सिखाना है।  

ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा 

विद्यादान योजना के तहत सभी शासकीय अधिकारी-कर्मचारी अपने चयनित स्कूल में जाकर बच्चों को पढ़ाएंगे। इसके साथ ही आईआईटीएम, आईटीएम के साथ ही अन्य कॉलेजों के छात्रों से भी शासकीय स्कूल में जाकर एक-एक क्लास को पढ़ाने का आग्रह किया जाएगा। इसके लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा दी गई है| जिसमे अपने पसंद के स्कूल में जो भी व्यक्ति पढ़ाना चाहे वो यहां जाकर पढ़ा सकता है| 

कलेक्टर की अपील ग्वालियर के भविष्य के लिए आगे आएं 

ग्वालियर कलेक्टर अनुराग चौधरी का कहना है कि इस पहल को जिला प्रशासन की पहल न देखते हुए जनभागीदारी से सार्थक किया जाए| यह कार्य शासकीय कार्य न होकर हम सबका नैतिक दायित्व होना चाहिए। अधिकारी-कर्मचारी स्वेच्छा से अपने स्कूल का चयन कर बच्चों को पढ़ाने जाएं। इसके साथ ही अधिकारी-कर्मचारियों की शिक्षित पत्नियां भी स्वेच्छा से शासकीय स्कूलों में जाकर विद्यादान योजना की भागीदार बन सकती हैं। उन्होंने कहा कि मैंने आईआईटी कानपुर से बीटेक किया था, मेरा साइंस का बैकग्राउंड है इसलिए स्वयं भी एक्सीलेंस स्कूल मुरार को चुना है, वहीं मेरी पत्नी एमटेक हैं वो भी वहां पढ़ाने जाएंगी| श्री चौधरी ने अपील जिले के प्रबुद्धजनों से अपील की है कि जितना भी समय मिले इस पहल में सहभागी बने| श्री चौधरी ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया है कि वे विद्यादान योजना के तहत सभी शासकीय स्कूलों का कार्यक्रम निर्धारित करें, जिससे विभागीय अधिकारियों के साथ ही विभिन्न कॉलेजों के छात्रों को भी शासकीय स्कूलों में पढ़ाने की जवाबदारी सौंपी जा सके।  

 

यहां करें रजिस्ट्रेशन

https://docs.google.com/forms/d/e/1FAIpQLSeLHfEZFYv4ylpogQt2lX8cyF7xzeqHnhTp6mUpdi42HcJcYQ/viewform

निम्नलिखित नम्बर पर whatsapp करके डिटेल्स भेज सकते हैं

+91 88658 70275





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