अमित शाह का हमला- मध्यप्रदेश में कांग्रेस के पास न नेता, न नीति

भोपाल

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए सभी पार्टियां खुलकर मैदान में आ चुकी हैं। 28 नवबंर को एमपी में मतदान होने हैं। जिसको लेकर बीजेपी और कांग्रेस समेत स्थानीय पार्टियां चुनाव प्रचार में जुटी हुई हैं।रविवार को उमरिया और सीधी में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने एक जनसभा को संबोधित किया और कांग्रेस पर जमकर बोला।उन्होंने कहा कि 28 तारीख को मतदान है और जनता तय करेगी कि किसकी सरकार बनना है। चुनाव में दो खेमे हैं। एक तरफ भाजपा है, जो मोदी जी और शिवराज जी के नेतृत्व में चुनाव लड़ेगी। दूसरी तरफ कांग्रेस है, जिसका कोई नेता और नीति नहीं है। मध्यप्रदेश क्या, किसी भी प्रांत में कांग्रेस का नेता तय नहीं है।

कमलनाथ दिग्विजय को भी लिया आड़े हाथ

शाह ने अपने भाषण में पीसीसी चीफ कमलनाथ और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि कमलनाथ पूछते हैं कि मोदी ने 4.5 साल के शासन में क्या किया। कमलनाथ जी आपको जवाब देने की जरूरत नहीं है। हम भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता हैं। जब हम चुनाव में जाते हैं, पल पल और पाई पाई का हिसाब लेकर जाते हैं। वही उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में जब तक बंटाढार की सरकार रही, कभी 2 घंटे बिजली मिलती थी, तो कभी 4 घंटे। शिवराज मुख्यमंत्री बने, तो उन्होंने हर गांव में 24 घंटे बिजली पहुंचाने का काम किया। दिग्गी राजा की सरकार में किसानों से गेंहू-धान नहीं खरीदे जाते थे। शिवराज सरकार ने किसानों से एक-एक दाना बोनस के साथ खरीदा। कांग्रेस किसानों को 18 प्रतिशत ब्याज पर लोन देती थी। जबकि शिवराज सरकार ने देश में पहली बार ब्याज दर को कम करके शून्य प्रतिशत पर ला दिया। 


नेहरु-गांधी परिवार पर बोला हमला

शाह ने सीधी जिले के चुरहट में सभा को संबोधित करते हुए कहा कि  कांग्रेस कोई राजनीतिक दल नहीं है। यह गांधी-नेहरू परिवार की प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है। इसीलिए पार्टी का जो भी सेनापति होता है, वह गांधी-नेहरू परिवार से ही होता है। कुछ दिन पहले जब प्रधानमंत्री मोदी जी ने यही बात कही, तो बहुत से कांग्रेसी टूट पड़े। बताने लगे इसे बनाया अध्यक्ष, उसे बनाया अध्यक्ष। लेकिन जब से इंदिरा गांधी ने कांग्रेस से अलग होकर इंदिरा कांग्रेस बनाई, नेहरू-गांधी परिवार से बाहर का कोई नेता अध्यक्ष नहीं बना।  मजबूरी में अगर किसी को अध्यक्ष बनाया भी गया, तो उसके साथ पार्टी का व्यवहार ठीक नहीं रहा। सोनिया ने जब अध्यक्ष पद छोड़ा, तब सब को पता था कि राहुल गांधी अध्यक्ष होंगे। लेकिन क्या आप बता सकते हैं कि मेरे बाद भाजपा अध्यक्ष कौन होगा। उन्होंने कहा कि हमारे यहां एक परिवार से नेता नहीं आते। कोई भी गरीब जिसमें दमखम और देश सेवा की भावना है, अध्यक्ष बन सकता है। इसलिए गरीब चाय बेचने वाले के परिवार के नरेंद्र मोदी आज प्रधानमंत्री हैं। मेरे जैसा पोस्टर चिपकाने वाला छोटा सा कार्यकर्ता अध्यक्ष बन जाता है। शाह ने कहा कि राहुल बाबा, यही लोकतंत्र है और भाजपा-कांग्रेस में यही अंतर है।

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